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10 सालों में 24 हजार अरब बढ़ा पाकिस्तान का कर्ज इमरान खान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश की खराब आर्थिक स्थिति के बारे में बात करते हुए कहा कि जिन लोगों ने देश को बुरी तरह से कर्ज में डूबा दिया है, वह उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि वह एक आयोग का गठन करेंगे जिसमें उच्चाधिकारियों को शामिल किया जाएगा। क्योंकि उन सभी ने कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों की गिरफ्तारी का बचाव किया था। नकदी-तंगी का सामना कर रही सरकार के पहले बजट के बाद एक मध्यरात्रि भाषण में खान ने कहा कि सभी आर्थिक समस्या कर्ज के कारण थी। जोकि पिछले 10 वर्षों में 6 हजार अरब रुपये से बढ़कर 30 हजार अरब रुपये हो गया है। उनका भाषण उस दिन आया जब पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता, हमजा शहबाज़ को मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित मामलों में राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो द्वारा गिरफ्तार किया गया।सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को भी एनएबी ने बहु-मिलियन डॉलर के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (पीएमएल-एन पार्टी से) पहले से ही 2018 में भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में जेल की सजा काट रहे हैं। खान ने घोषणा की कि अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए सरकार का प्रारंभिक ध्यान केंद्रित करने के बाद, उनका ध्यान इस बात पर होगा की जिन लोगों ने देश को कर्ज में डूबा दिया है उन्हें जल्द से जल्द वापस लाया जाए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल पाकिस्तान की स्थिति स्थिर है। उन्होंने आगे कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाने का जो दबाव है फिलहाल वह कम हो गया है। खान ने कहा कि अब मैं भ्रष्ट लोगों तक पहुंच सकता हूं। उन्होंने आगे कहा कि मैंने एक हाई पावर जांच कमेटी का गठन किया है जिसका सिर्फ एक ही एजेंडा है कि आखिर 10 सालों में कर्ज की रकम 24 हजार अरब रुपये कैसे हो गई है। उन्होंने कहा कि कमीशन में एफआईए (संघीय जांच एजेंसी), आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो), आईएसआई (अंतर-सेवा खुफिया निदेशालय), एफबीआर (फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू) और एसईसीपी (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ऑफ पाकिस्तान) शामिल होंगे।

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