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कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा पटियाला में नई स्पोर्टस यूनिवर्सिटी एक सितम्बर से चालू करने की स्वीकृति

अकादमिक सैशन समय पर शुरू करने के लिए सरकार ऑर्डीनेंस लाएगी
चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज पटियाला में नई खेल यूनिवर्सिटी को 1 सितम्बर, 2019 से चालू करने की मंजूरी दे दी। इसके साथ ही उन्होंने ऊच्च शिक्षा विभाग को पहले बैच के लिए दाखि़ला प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के हुक्म दिए। यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए गठित संचालन समिति की उच्च स्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने इस प्रस्तावित संस्था का नाम ‘द पंजाब स्पोर्टस यूनिवर्सिटी’ के तौर पर रखने की मंजूरी दी जिसका मसौदा मंत्रीमंडल की अगली मीटिंग में पेश किया जायेगा। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता के मुताबिक इस सम्बन्ध में एक ऑर्डीनेंस भी लाया जायेगा जिससे अकादमिक सैशन समय पर शुरू करने को यकीनी बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने पटियाला के डिप्टी कमिश्नर कुमार अमित को यूनिवर्सिटी की इमारत के निर्माण के लिए सिद्धोवाल गाँव में राजीव गांधी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के साथ लगती 97 एकड़ ज़मीन एक्वायर करने की प्रक्रिया शुरू करने की हिदायत दी। गाँव की पंचायत की तरफ से 97 प्रतिशत ज़मीन मुफ़्त मुहैया करवाई जा रही है जबकि बाकी ज़मीन एक्वायर की जायेगी। डिप्टी कमिशनर के प्रस्ताव के साथ सहमत होते हुए मुख्यमंत्री ने गाँव के उन योग्य लोगों के लिए ग्रुप सी. और डी. के कुछ पद आरक्षित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी, जिन लोगों की ज़मीन एक्वायर होनी है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने खेल विभाग को नयी इमारत के मुकम्मल होने तक इस संस्था को अस्थायी तौर पर चलाने के लिए तुरंत मोहिन्दरा कोठी का कब्ज़ा लेने के लिए कहा। प्रवक्ता ने बताया कि इस उद्देश्य के लिए कोठी की मुरम्मत के लिए 50 लाख रुपए की राशि मंजूर की गई। मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के अतिरिक्त मुख्यसचिव को कहा कि विभिन्न पाठ्यक्रमों को स्पांसर करने और सम्बन्धित बुनियादी ढांचों के विकास के लिए रिलायंस और विप्रो जैसे बड़े औद्योगिक घरानों को साथ जोडऩे की संभावनाएं तलाशी जाएँ। मुख्यमंत्री के मुम्बई दौरे के अवसर पर एक मीटिंग के दौरान रिलायंस ने इस प्रक्रिया का हिस्सा बनने में रूचि दिखाई थी। इस संस्था के लिए सिलेबस को अंतिम रूप दिया जा चुका है जो ज्ञान के विकास, कौशल और शारीरिक शिक्षा और खेल विज्ञान के क्षेत्रों में विभिन्न स्तर के मुकाबलों के अलावा खेल तकनीक और हर तरह के खेल के उच्च प्रशिक्षण पर केंद्रित होगा। इसी तरह कोचिंग की बेहतर सहूलतें और अव्वल दर्जे के बुनियादी ढांचे के अलावा उभरते हुए एथलीटों को शुरुआती दौर में ही प्रभावी शंस्थागत सहयोग और माहौल प्रदान किया जायेगा। नौजवानों को स्कूली स्तर से ही कम-से-कम एक खेल अपनाने का न्योता देते हुए मुख्यमंत्री ने खेल विभाग को राज्य स्तरीय नवीनतम जागरूकता प्रोग्राम शुरू करने के लिए कहा जिससे विश्व स्तर के खिलाड़ी तैयार करने के लिए छोटी उम्र से ही कला को तराशा जा सके। मीटिंग में संचालन समिति के प्रमुख और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के मैंबर रणधीर सिंह समेत वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल के अलावा मुख्यमंत्री के मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव खेल संजय कुमार और खेल विभाग के डायरैक्टर अमृत कौर गिल उपस्थित थे।

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