चंडीगढ – लोकसभा मतदान के मद्देनजऱ आज यहाँ इंटरस्टेट कोऑर्डीनेशन कमेटी के अधिकारियों और विभिन्न लॉ इन्फोर्समैंट एजेंसियों के अधिकारियों के साथ मीटिंग की गई। मीटिंग में पंजाब राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी पंजाब डा. एस.करुणा राजू और डी.जी.पी पंजाब दिनकर गुप्ता विशेष तौर पर उपस्थित थे। इस मीटिंग में पंजाब के अलावा हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ और जम्मू -कश्मीर के अधिकारी उपस्थित थे। मीटिंग में श्री आर.एन. ढोके ए.डी.जी.पी. कम नोडल अधिकारी इलैक्शन, एडीशनल सी.ई.ओ. कविता सिंह, एडीशनल सी.ई.ओ. सिबन. सी और अन्य सीनियर अधिकारी उपस्थित थे।मीटिंग को संबोधन करते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी पंजाब डा. एस. करुणा राजू ने कहा कि मतदान के दौरान पंजाब और इसके पड़ोसी राज्य इंटरस्टेट बैरियर्ज की स्थापना को यकीनी बनाएं और यहाँ से निकलने वाले वाहनों की चैकिंग भी यकीनी तौर पर करें। उन्होंने कहा कि वाहन किसी भी तरह का हो, वह चाहे सरकारी गाड़ी हो या एंबुलेंस हो, चैकिंग हर एक की की जानी है। डा. राजू ने कहा कि दिल्ली और अन्य राज्यों से आने वाली वोलवो बसों और ट्रकों आदि की चैकिंग अचानक नाके लगाकर की जाये। उन्होंने कहा कि सी.सी.टी.वी. कैमरे भी इन नाकों पर लगाए जाएँ।डा. राजू ने कहा कि विभिन्न इन्फोर्समैंट एजेंसियाँ इस बात को यकीनी बनाएं कि मतदान पारदर्शी और बिना किसी डर भय के करवाया जाएँ। इस दौरान विशेष तौर पर उम्मीदवारों की तरफ से चुनाव प्रचार के लिए तय सीमा 70 लाख रुपए सम्बन्धी विशेष निगरानी रखी जाये और किसी भी तरह के संभावी नशीले पदार्थों, ग़ैर -कानूनी हथियारों की तस्करी पर भी पूरी नज़र रखी जाये। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ट्रांजैकशनों, ग़ैर कानूनी तौर पर लाई जा रही नकदी पर नज़र रखी जाये क्योंकि वोटों को प्रभावित करने के लिए पैसों की सबसे ज़्यादा प्रयोग की शिकायतें मिलती हैं। इसके अलावा किसी भी धार्मिक स्थान का प्रयोग चुनाव प्रचार के लिए न करने दिया जाये।उन्होंने बताया कि पंजाब राज्य में हरेक असेंबली हलके में एक गाड़ी सीसीटीवी कैमरा लगाकर 24 घंटे निगरानी का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य में अन्तिम दौर में मतदान होने के कारण दूसरे राज्यों से भी लोग वोटरों को प्रभावित करने के लिए आ सकते हैं। इसलिए पहले ही एहतियाती कदम उठाए जाएँ।उन्होंने मीटिंग में उपस्थित समूह राज्यों के अधिकारियों को भारतीय चुनाव आयोग द्वारा जारी हिदायत कि मतदान के दौरान नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में सज़ा काट रहे कैदियों को पैरोल न दी जाये और साधारण कैदियों को भी अति हंगामी हालातों में कार्यालय मुख्य चुनाव अधिकारी से स्वीकृति के उपरांत ही कम से कम समय की पैरोल दी जानी है।मीटिंग को संबोधन करते हुए डी.जी.पी. पंजाब श्री दिनकर गुप्ता ने पंजाब के पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों और विभिन्न लॉ इन्फोर्समैंट एजेंसियों के अधिकारियों को कानून व्यवस्था सम्बन्धी जानकारियां साझा करने की हिदायत की गई। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सरहद के साथ लगे होने के कारण राज्य में विदेशी ताकतों द्वारा बीते समय में कई बार गड़बड़ी करवाने के यत्न किये जा चूके हैं जिनको देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को और चौकस होकर काम करने की ज़रूरत है।श्री गुप्ता ने कहा कि कुछ दिनों में ही पंजाब राज्य में नामांकन पत्र दाखि़ल करने की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी, जिस कारण राजनैतिक गतिविधियों में तेज़ी आ जायेगी। इस दौरान पंजाब राज्य में सुरक्षा एजेंसियाँ हर पक्ष से सुरक्षा को यकीनी बनाएंगी। मीटिंग में उपस्थित हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों ने यकीन दिलाया कि उनके राज्य में से किसी भी तरह के ऐसी एलोपैथिक दवाएँ और देसी दारू और अफ़ीम की स्पलाई बद्दी और डमटाल से, जिसका प्रयोग नशे के तौर पर किया जाता है, की तस्करी पंजाब राज्य में नहीं होने देंगे। इसके अलावा राजस्थान के अधिकारियों ने यकीन दिलाया कि पंजाब राज्य में भुक्की और अफ़ीम की तस्करी पर पूर्ण रोक लगा देंगे क्योंकि बसों के द्वारा भुक्की और अफ़ीम की तस्करी की खबरें आती रहती हैं।हरियाणा से उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश से होने वाले ग़ैर -कानूनी हथियारों की तस्करी को रोकने के लिए उचित प्रबंध किये गए हैं। इसके इलावा ग़ैर -कानूनी नकदी की आमद को रोकने के लिए वाहनों की चैकिंग की जायेगी।