मुबंई में फुट ओवरब्रिज गिरने की घटना के उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए
गए हैं. तो पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस मामले में
कार्रवाई शुरू हो गई है. दो अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया है, जबकि दो
सेवानिवृत्त मुख्य अभियंताओं के खिलाफ जांच होगी. राज्य के मुख्यमंत्री
देवेंद्र फणनवीस ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50
हजार रुपये देने की घोषणा की है.
दक्षिणी मुंबई के छत्रपति शिवाजी
महाराज टर्मिनस रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाले एक फुट ओवरब्रिज के गिरने के
एक दिन बाद बृहन्मुंबई महानगर पालिका यानि बीएमसी ने पुल को ढहाने का फैसला
लिया है. इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई और 31 अन्य घायल हो गए. फुट
ओवरब्रिज को गिराने का काम शुरू हो गया है और इस काम के लिए क्रेन तथा गैस
कटर भी एकत्रित कर लिए हैं. बीएमसी की बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि
महानगर पालिका के मुख्य इंजीनियर (सतर्कता) फुट ओवरब्रिज के गिरने के
कारणों की जांच करेंगे. जांच करने वालों को जिम्मेदार कर्मचारियों और इस
पुल का ढांचागत ऑडिट करने वालों की भूमिका की पहचान करके 24 घंटे के भीतर
प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है. पुलिस भी जिम्मेदार लोगों के
खिलाफ एफआईआर कर जांच कर रही है.
इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री
देवेंद्र फणनवीस ने दुर्घटना स्थल का दौरा किया और हादसे की उच्च स्तरीय
जांच के आदेश दिए हैं. फणनवीस ने सेंट जॉर्ज अस्पताल में घायलों से मिलने
के बाद पत्रकारों से यह बात कही. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5
लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हज़ार रुपये अनुग्रह राशि देने की घोषणा की
है. इसके साथ ही घायलों के इलाज का खर्च भी सरकार उठाएगी.
हादसे में घायल लोगों का कई अस्पतालों में इलाज चल रहा है. ज्यादातर घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है.
इस
बीच बंबई उच्च न्यायालय महानगर में फुट ओवरब्रिजों की खराब स्थिति के
मुद्दे पर एक याचिका पर 22 मार्च को सुनवाई करेगा. ये याचिका सितंबर 2017
में दायर की गई थी. याचिका में संबंधित अधिकारियों को शहर में सभी फुट
ओवरब्रिजों का सर्वेक्षण करने के लिए एक विशेष समिति गठित करने और अगर वे
जर्जर या खतरनाक स्थिति में पाए गए तो उनकी मरम्मत का काम करने के निर्देश
देने की मांग की थी.
गौरतलब है कि शुक्रवार शाम हुए इस हादसे के बाद
इलाके में अफरातफरी फैल गई. हादसे में 6 लोगों की जान चली गई. हालांकि जिस
वक्त पुल गिरा उस समय सड़क पर रेड लाइट होने के कारण कई लोग बच गए,
क्योंकि ट्रैफिक रुका हुआ था.