प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार वाराणसी काशी विश्वनाथ कॉरिडोर
का भूमि-पूजन किया. इस कॉरिडोर से गंगा तट से सीधे विश्वनाथ मंदिर जाना
आसान होगा. कॉरिडोर के दोनों किनारों पर वाराणसी की सांस्कृतिक विरासत को
भी श्रद्धालु निहार सकेंगे.
प्रधानमंत्री ने वाराणसी दौरे की शुरुआत
बाबा की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना से की. इसके बाद करीब ढाई सौ साल
से भी ज़्यादा समय के बाद मंदिर के विस्तारीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए
भूमि-पूजन किया. प्रधानमंत्री ने भी बनने वाले कॉरिडोर को बाबा विश्वनाथ के
चरणों में समर्पित किया और प्रधानमंत्री ने कहा कि मंदिर परिसर के
सौंदर्यीकरण बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से पूरा होगा. उन्होंने कहा कि
संकल्प काफी समय से था लेकिन कई अड़चनें और असहयोग से परेशानी थी, लेकिन अब
सब दूर हो गई हैं और जल्द ही विश्वनाथ धाम का अप्रतिम भव्य रूप सामने
होगा.
ये काशी विश्वनाथ कॉरिडोर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के नाम से
जाना जाएगा. ये कुल 24 हज़ार वर्गमीटर में 50 फीट चौड़ा और 450 मीटर लंबा
ललिता घाट तक बनेगा. इसके प्रथम चरण के निर्माण में लगभग 360 करोड़ रुपये
खर्च होंगे. ये विश्वनाथ धाम सीधे विश्वनाथ मंदिर से गंगा तट तक अगले 2 साल
में बनकर तैयार हो जाएगा. इसमें श्रद्धालुओं के ठहरने का प्रबंध, एक
सभागार, एक बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण होगा. इसके लिए सरकार ने 300 मकानों
को अधिग्रहित किया और समतलीकरण के दौरान वहां 40 से ज्यादा पुरातात्विक
मंदिर की पहचान हुई है, इन्हें भी संरक्षित किया जाएगा. काशी विश्वनाथ के
दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु भविष्य में एक सुखद अनुभूति के साथ बाबा
विश्वनाथ के दर्शन कर पाएंगे.