चंडीगढ़ – कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के आज सदन में भरोसा दिया कि वाहिद संधर चीनी मिल, फगवाड़ा की तरफ से 31 मार्च, 2019 से पहले किसानों के 35.43 करोड़ रुपए गन्ने के बकाए का भुगतान किये जाने को यकीनी बनाया जायेगा। विधानसभा में विधायक सोम प्रकाश की तरफ से लाए गये ध्यानाकर्षण नोटिस के जवाब में मुख्यमंत्री की तरफ़ से ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तृप्त रजिन्दर सिंह बाजवा ने यह भरोसा दिया। श्री बाजवा ने सदन को बताया कि सरकार की तरफ से इस चीनी मिल की लगातार निगरानी की जा रही है । इस मिल में वर्ष 2017 -18 के पिड़ाई सीजन के दौरान 184.74 करोड़ रुपए का गन्ना पिड़ा गया जिसमें से किसानों को 149.31 करोड़ रुपए की अदायगी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि 12 फरवरी, 2019 तक किसानों का 35.43 करोड़ रुपए मिल की तरफ से बकाया हैं। यह बताने योग्य है कि मौजूदा सीजन के दौरान वाहिद संधर चीनी मिल ने 31 जनवरी, 2019 तक 57.45 करोड़ रुपए का गन्ना पीड़ा है। गन्ना काश्तकारों को समय पर अदायगी करने के लिए राज्य सरकार की वचनबद्धता प्रकटाते हुये श्री बाजवा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मिल के प्रबंधकों को पहले ही हिदायतें जारी की हैं कि भुगतान के मामले में किसी भी किसान को कोई दिक्कत पेश न आए। इस समय पर राज्य में कुल 16 चीनी मिलें हैं जिनमें से 9 सहकारी और 7 प्राईवेट मिलें हैं। इन 9 सहकारी चीनी मिलों की पिड़ाई क्षमता 15,776 टन रोज़ाना की है और 7 प्राईवेट मिलों की पिड़ाई क्षमता 35,500 टन रोज़ाना की है। इन चीनी मिलों को पूरी पिड़ाई क्षमता (180 दिन) चलाने के लिए 1.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल और 896 लाख क्विंटल गन्ना मुहैया करवाने की ज़रूरत है ।