प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को नई दिल्ली
रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। बनारस से दिल्ली के बीच
चलने वाली इस ट्रेन को विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ मेक इन इंडिया के तहत
भारत में ही बनाया गया है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ‘वंदे भारत
एक्सप्रेस’ ट्रेन को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाएंगे। न्यू
इंडिया के सपने को साकार करता चेन्नई के रेल कोच फैक्ट्री में तैयार वंदे
भारत एक्सप्रेस ट्रेन अब तक की देश की सबसे तेज चलने वाली रेलगाड़ी है।
वर्ल्ड क्लास सुविधावों से लैस वंदे भारत ट्रेन की तुलना हवाई जहाज़ से की
जा सकती है जिसमें दोनों तरफ ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे, दरवाजों के साथ
स्लाइडिंग सीढ़ियां जिसे स्टेशन पर मुसाफिरों के चढ़ने-उतरने के लिए खोला
जायेगा।
सभी कोच में वाई-फाई और इंफोटेनमेंट की सुविधा, GPS बेस्ड
पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम और मॉड्यूलर टॉइलट्स जो बायो वैक्यूम सिस्टम से
लैस है। यही नहीं रफ़्तार के मामले में भी ये ट्रेन राजधानी और शताब्दी को
काफी पीछे छोड़ देगी। राजधानी और शताब्दी की अधिकतम स्पीड 130 किलोमीटर
प्रति घंटे की है जबकि वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को 180 किलोमीटर प्रति
घंटे की अधिकतम रफ़्तार पर परखा जा चुका है।
ये ट्रेन भारतीय रेल
इंजीनियरिंग का एक ऐसा बेमिशाल उदाहरण है जिसे पूरा कर पाना हर किसी के लिए
मुमकिन नहीं था। अमूमन ऐसी ट्रेन को बनाने में किसी भी देश को तीन से चार
साल लग लगते है लेकिन मेक इन इंडिया के तहत बने देश के इस पहले ट्रेन सेट
को चेन्नई के इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में महज 18 महीनों में तैयार किया गया
है जिसमें 14 चेयरकार कोच, 2 एग्जीक्यूटिव क्लास कोच है। एग्जीक्यूटिव
क्लास कोच में 56 यात्रियों के लिए सीट जबकि नॉन एग्जीक्यूटिव कोच में 78
लोगों के बैठने की सुविधा है।
वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को बनाने
में तक़रीबन 100 करोड़ रूपये की लागत आयी है जो आयात किये जाने वाले ट्रेनों
की कीमत की आधी है। दिल्ली से यह ट्रेन सुबह 6 बजे वाराणसी के लिए रवाना
होगी और दोपहर 2 बजे तक काशी पहुंचेगी। काशी से यह ट्रेन दोपहर तीन बजे
चलकर रात्रि 11 बजे दिल्ली पहुंचेगी। दिल्ली से वाराणसी के बीच यह ट्रेन
सोमवार और गुरुवार को छोड़कर सप्ताह में 5 दिन चला करेगी जिसमें सिर्फ दों
स्टॉप कानपुर और इलाहाबाद होगा।
अगर हम इस ट्रेन में यात्री किरायें
की बात करें तो दिल्ली से कानपुर तक इस ट्रेन में चेयरकार में सफर करने के
लिए आपको 1090 रुपये देने होंगे, जबकि एग्जिक्युटिव चेयरकार का किराया
2105 रुपये होगा। वहीं दिल्ली से इलाहाबाद तक के लिए चेयरकार का किराया
1395 रुपये रखा गया है जबकि एग्जिक्युटिव क्लास के लिए आपको 2750 रुपये
देने होंगे। काशी तक के सफर के लिए चेयरकार का किराया 1760 रुपये है वहीं
एग्जिक्युटिव क्लास के लिए काशी तक का किराया 3310 रुपये रखा गया है।
भारतीय रेलवे ऐसे और 6 ट्रेन सेट बना रही है जिसे देश के अन्य रेल मार्गों
पर चलाया जायेगा।