कमजोर डिमांड के चलते टाटा मोटर्स पर बैक गियर का रिस्क। टाटा मोटर्स को
दिसंबर क्वॉर्टर में रिकॉर्ड तिमाही घाटा हुआ है, जो आने वाले समय में
कंपनी के सामने उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहने का संकेत है। जेएलआर का
मालिकाना हक रखने वाली टाटा मोटर्स के प्रॉफिट में स्थिरता देखने के लिए
इनवेस्टर्स को कुछ और तिमाहियों का इंतजार करना पड़ेगा।
इधर, कुछ
ब्रोकरेज हाउस ने स्टॉक का टारगेट प्राइस घटाया है तो कुछ ने इसे डाउनग्रेड
कर दिया है। शुक्रवार को कंपनी का स्टॉक बीएसई पर कारोबार के दौरान 22% तक
टूटने के बाद बाजार बंद होने पर 17.3% कमजोरी रहा। CLSA ने 150 रुपये के
टारगेट के साथ कंपनी पर सेल रेटिंग बनाए रखी है। उसने कहा, ‘दो साल में 65%
की गिरावट के बावजूद शेयर और कमजोर हो सकता है।’CLSA के मुताबिक, ‘जेएलआर
के लिए नियर टर्म में कोई प्रॉडक्ट ट्रिगर नहीं है, ब्रेग्जिट को लेकर
अनिश्चितता बनी है और इंडियन ट्रक मार्केट में पक्के तौर पर डाउनट्रेंड आ
रहा है।’ फिलिप कैपिटल ने टारगेट प्राइस 31% घटाकर कर दिया है जबकि नोमुरा,
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटी, JM फाइनेंशियल, जेफरीज, इडलवाइज और सिटी ने
7-28% तक की कमी की है।
बैलेंसशीट से 3.1 अरब डॉलर के एसेट को राइट
ऑफ करने से जेएलआर के प्रॉफिट में गिरावट आई और उसकी नेटवर्थ 37.5% घट गई।
इससे बैलेंसशीट पर डेट बढ़ सकता है और जेएलआर की रेटिंग पर दबाव बन सकता
है।अगर कंपनी की डिमांड पर दबाव बना रहा और टेक्नोलॉजी के मोर्चे पर
डिसरप्शन होते रहे तो उसे कुछ और एसेट्स को राइट ऑफ करना पड़ सकता है।
जेएलआर के प्रॉडक्ट पोर्टफोलियो में बड़ा हिस्सा डीजल इंजन गाड़ियों का है
और यूरोपियन सरकारें ऐसी गाड़ियों पर ऊंचा टैक्स लगाने पर विचार कर रही
हैं।
चीन के बाजार में कंपनी के बहुत कमजोर परफॉर्मेंस के चलते
निवेशकों को निराशा हुई है। जेएलआर को इस बाजार से हमेशा ऊंचा मार्जिन
हासिल होता रहा है। चीन में JLR की बिक्री 47% गिरी जबकि वहां इंडस्ट्री
एवरेज 15% डीग्रोथ रही है। चीन में जेएलआर का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन
फिस्कल ईयर 2019 के पहले नौ महीनों में 4.8% गिर गया जबकि पिछले फिस्कल के
इसी पीरियड में ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 19.7% रहा था। चीन में कंपनी के
वॉल्यूम में कितना सुधार आएगा इस बारे में फिलहाल बहुत कम क्लैरिटी है।
वहां कंपनी की ग्रोथ 2004 के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गया है।
दिसंबर
क्वॉर्टर में जेएलआर के 13 मॉडल में सिर्फ चार की सेल्स में बढ़ोतरी हुई।
कंपनी के होलसेल वॉल्यूम में 11% की गिरावट आई। बाजार के जानकारों का
अनुमान है कि फिस्कल ईयर 2019 में वॉल्यूम 7% गिर सकता है लेकिन 2020 में
उसमें 5% की ग्रोथ हो सकती है। चीन के बाजार में बनी अनिश्चितता के चलते
आनेवाले समय में सेल्स वॉल्यूम में गिरावट के आसार बने हुए हैं।
जेएलआर
के लिए ब्रेग्जिट बड़ा खतरा बना हुआ है। कंपनी उन सामान्य परिस्थितियों के
हिसाब से काम कर रही है जिसमें ब्रिटेन को अनुकूल डील हासिल हो सकती है और
जिसमें व्यापार पर कोई नकारात्मक असर नहीं होगा। बिना डील वाले ब्रेग्जिट
से कंपनी के वॉल्यूम और प्रॉफिटेबिलिटी पर गहरा असर होगा।जेएलआर को अपनी
सेल्स का पांचवां हिस्सा यूरोप (ब्रिटेन को छोड़कर) होता है और यह अपनी
गाड़ियों में लगनेवाले एक तिहाई से ज्यादा कंपोनेंट्स इसी महाद्वीप से लेती
है।