वाशिंगटन-बढ़ते राजनीतिक दबाव के सामने अंतत: अमेरिका के राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप को झुकना पड़ा। ट्रंप ने शुक्रवार को 35 दिन से चल रहे
शटडाउन को अस्थायी तौर पर खत्म करने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर दिया।
हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने की
मांग से वह कोई समझौता नहीं करेंगे।बजट पर सहमति नहीं बनने के कारण 22
दिसंबर से अमेरिका में आंशिक शटडाउन चल रहा था। ट्रंप ने बजट में मेक्सिको
सीमा पर सुरक्षा दीवार बनाने के लिए 5.7 अरब डॉलर (करीब 40 हजार करोड़
रुपये) के फंड का प्रावधान करने की मांग की थी। डेमोक्रेट्स ने यह मांग
नहीं स्वीकार की। इस कारण बजट पास नहीं हुआ और करीब चौथाई सरकारी विभागों
के कामकाज ठप हो गए। इससे आठ लाख सरकारी कर्मचारियों को छुट्टी पर जाना
पड़ा या बिना वेतन के काम करना पड़ा। यह अमेरिका के इतिहास में सबसे बड़ा
शटडाउन था। इतने लंबे तक शटडाउन से अमेरिका के लोगों में भी रोष पनपने लगा
था। यहां तक कि सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर ट्रंप का पक्ष लेने वाले लोग भी
दोनों पक्षों के अड़ियल रवैये से परेशान होने लगे थे। ऐसे में लोगों के
विरोध और राजनीतिक दबाव के चलते ट्रंप ने उस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर
दिया, जिसमें अस्थायी तौर पर शटडाउन खत्म करने की बात है।इसके तहत दीवार के
लिए फंड दिए बिना 15 फरवरी तक सरकार के सभी कामों के लिए फंड आवंटित कर
दिया जाएगा। इस तीन हफ्ते के दौरान सभी पक्ष प्रवासियों से जुड़ी नीति और
दीवार के मुद्दे पर व्यापक विमर्श करेंगे। इस कदम से सरकारी कर्मचारियों को
तत्काल राहत मिल जाएगी। दीवार के लिए फंड मिले बिना शटडाउन खत्म करने के
प्रस्ताव पर ट्रंप के हस्ताक्षर को विशेषज्ञ उनकी हार मान रहे हैं। ट्रंप
ने पहले कहा था कि दीवार के लिए पैसा मिले बिना वह बजट पर सहमति नहीं
देंगे।
दीवार बनाने पर अब भी अड़े हैं ट्रंप:-ट्रंप ने अब भी अपना रुख
नहीं बदलने का संकेत दिया है। प्रस्ताव पर हस्ताक्षर के बाद ट्रंप ने कहा,
‘मैं एक बात स्पष्ट करना चाहता हूं कि स्टील का बैरियर या मजबूत दीवार
बनाने के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। अगर कांग्रेस से हमें इस
संबंध में सही प्रस्ताव नहीं मिला, तो 15 फरवरी को या तो शटडाउन होगा या
मैं कानून व संविधान में मिले अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए इस आपात
स्थिति का सामना करूंगा।’
पेलोसी ने किया स्वागत:-हाउस स्पीकर नैंसी
पेलोसी ने शटडाउन खत्म होने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, ‘नीतियों पर
असहमति के कारण सरकार का कामकाज बंद नहीं होना चाहिए। मुझे दुख है कि
शटडाउन इतना लंबा चला और मुझे खुशी है कि हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि अगले
तीन हफ्ते कैसे चलना है।’ ट्रंप के स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन की नई तारीख
पर पेलोसी ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, ‘मैंने राष्ट्रपति से
कहा था कि शटडाउन खत्म होने के बाद हम आपस में चर्चा करके नई तारीख तय
करेंगे।’ ट्रंप का यह संबोधन बीते मंगलवार को प्रस्तावित था।
42 हजार
करोड़ रुपये का हुआ नुकसान:-एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के अनुसार, आंशिक
शटडाउन के कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था को करीब छह अरब डॉलर (करीब 42 हजार
करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ। यह नुकसान कई आर्थिक गतिविधियां बाधित रहने और
उत्पादकता प्रभावित होने के चलते हुआ। देखा जाए तो ट्रंप ने दीवार बनाने
के लिए जितना फंड मांगा है, मांग पर सहमति नहीं बनने के कारण हुए शटडाउन से
अर्थव्यवस्था को उससे ज्यादा का नुकसान हो गया।