भारत
प्रधानमंत्री ने यूपी के बहराइच में महाराजा सुहेलदेव स्मारक और चित्तौरा झील के विकास कार्यों का किया शिलान्यास
भारत का इतिहास सिर्फ वो नहीं है, जो देश को गुलाम बनाने वालों, गुलामी की मानसिकता के साथ इतिहास लिखने वालों ने लिखा, भारत का इतिहास वो भी है जो भारत के सामान्य जन में, भारत की लोकगाथाओं में रचा-बसा है। जो पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ा है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के उन महापुरुषों और महानायकों की बात कर रहे हैं, जिनको इतिहास में वो स्थान मिला, जिसके वो हक़दार थे. पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के बहराइच में अपने पराक्रम से मातृभूमि का मान बढ़ाने ऐसे ही राष्ट्रनायक महाराजा सुहेलदेव के स्मारक की आधारशिला रखी. इसके साथ ही उन्होंने महाराजा सुहेलदेव से जुड़े चित्तौरा झील और अन्य विकास कार्यों की आधारशिला भी रखी. इतिहास की किताबों में भले ही महाराज सुहेलदेव को वो स्थान नहीं मिला, लेकिन वो लोगों के बीच बने रहे सिर्फ वीर पुरुष के रूप में ही नहीं बल्कि विकासवादी पुरुष के रूप में भी उन्होंने योगदान दिया।पीएम मोदी ने इस मौके पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल और बाबा साहब भीम राव अंबेडकर जैसे राष्ट्रनायकों की उपेक्षा करने के लिए तत्कालीन इतिहासकारों और राजनैतिक नेतृत्व को भी आड़े हाथों लिया.इतिहास लिखने के नाम पर इतिहास में जो हेर फ़ेर किया गया, देश आज उसको सुधार रहा ।इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कृषि सुधारों को लेकर झूठ फैलाने वालों से भी देश ख़ास तौर से किसानों को सावधान किया. पीएम मोदी ने कहा कि किसान और गरीबों का जीवन बेहतर बनाने के लिए सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है. देश में बेहतर होती आधारभूत सुविधाओं का सीधा लाभ किसानों, गरीबों, ग्रामीणों को हो रहा है।नए कृषि सुधारों का लाभ भी छोटे और सीमांत किसानों को सबसे ज्यादा होगा। यूपी में इन नए कानूनों के बनने के बाद जगह-जगह से किसानों के बेहतर अनुभव सामने आ रहे हैं।इन कृषि सुधारों के लिए भांति-भांति का प्रचार करने की कोशिश की गई।जिन्होंने देश के कृषि बाज़ार में विदेशी कंपनियों को बुलाने के लिए कानून बनाया, वो आज देशी कंपनियों के नाम पर किसानों को डरा रहे हैं. राजनीति के लिए झूठ की पोल अब किसान स्वयं खोल रहे हैं.