पंजाब

मुख्यमंत्री द्वारा किसानों के मसलों के जल्द हल और कोविड से मुक्ति की उम्मीद के साथ लोगों को नव वर्ष की शुभकामनाएं

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राज्य की प्रगति के लिए उद्योग और संचार के विकास की ज़रूरत पर ज़ोर
चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज शांतमयी ढंग से संघर्ष कर रहे किसानों के मसलों के जल्द हल की उम्मीद और कामना करते हुए लोगों को नव वर्ष की शुभकामनाएं दी हैं। इसके साथ ही उन्होंने राज्य की प्रगति और हमारे बच्चों के लिए रोजग़ार के मौके सृजन करने के लिए उद्योग और संचार की महत्ता को भी गिनाया।महामारी से मुक्ति मिलने की आशा करते हुए मुख्यमंत्री ने समूह पंजाबियों को दुनिया के कुछ हिस्सों में कोविड के नये रूप में सामने आने के मद्देनजऱ सावधानी और संयम बरतते रहने की अपील की है।किसानों को लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार का प्रयोग करते हुए संघर्ष को शांतमयी ढंग के साथ जारी रखने के लिए बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने इस सलीके से दुनिया भर के लोगों का दिल जीत लिया है। उन्होंने बताया कि पहले पंजाब में और अब दिल्ली की सरहदों पर किसानों के संघर्ष के दौरान दंगे या हिंसा की एक भी घटना नहीं घटी।लाइव संदेश के द्वारा मुख्यमंत्री ने पंजाबीयों की बहादुरी की प्रशंसा की जिन्होंने न सिफऱ् महामारी का मुकाबला डटकर किया बल्कि इस साल के दौरान अलग-अलग समस्याओं के बावजूद कृषि, उद्योग और व्यापारिक क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करने के सफऱ को बा-दस्तूर जारी रखा। उन्होंने डॉक्टरों, नर्सों, पैरा-मैडीकल स्टाफ, पुलिस आदि समेत अगली कतार के सभी वर्करों का विशेष तौर पर जि़क्र किया जिन्होंने महामारी के दौरान पंजाब के लोगों की सुरक्षा के लिए दिन-रात एक करते हुए बहादुरी के साथ लड़ाई लड़ी। हालाँकि, उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि कोविड अभी ख़त्म नहीं हुआ और लोगों को अपना और अपने परिवारों का ख़्याल रखना चाहिए।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इस कठिनाईयों भरे वर्ष में 22 मार्च, 2020 से लेकर कोविड संकट के पैर पसारने के बाद इन्साफ के लिए किसान लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं और इसी समय के दौरान राज्य में गेहूँ और धान का रिकार्ड उत्पादन हुआ है। उन्होंने कहा कि इन कठिन परिस्थितियों में भी पंजाबी हर मोर्चे पर अपनी ड्यूटी दृढ़ता और दिलेरी के साथ निभा रहे हैं। उन्होंने व्यापार और उद्योग की मिसाल देते हुए कहा कि पंजाबियों की कड़ी मेहनत के चलते ही कारोबारी गतिविधियां कुछ महीने बंद रहने के बाद फिर पटरी पर लौट आई हैं। उन्होंने बताया कि लुधियाना में स्थित 2,40,000 इंडस्ट्रियल यूनिट अब चालू हो चुके हैं और यहाँ तक कि इस समय पंजाब में 65,000 से 70,000 करोड़ रुपए की लागत से उद्योग स्थापित किये जा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘दुनिया पंजाब की उपलब्धियों को पहचान रही है।’’ उन्होंने पंजाबियों के बहादुरी भरे जज़्बे की सराहना करते हुए कहा कि इसके चलते ही राज्य ने जहाँ कोविड को काबू करने में सफलता हासिल की वहीं राज्य अमन-कानून की समस्या से भी मुक्त है। उन्होंने कहा, ‘‘यह यकीनी बनाना बहुत ज़रूरी है कि हमारे बच्चों के लिए रोजग़ार के मौके सृजन करने के लिए राज्य में निवेश हो और औद्योगिक यूनिट स्थापित हों जिससे उनको रोजग़ार के लिए पंजाब से बाहर न जाना पड़े।’’कैप्टन अमरिन्दर ने कहा कि आज के इलेक्ट्रॉनिक युग में, जहाँ तरक्की और गतिशीलता के लिए संचार बहुत महत्वपूर्ण है, पंजाब किसी भी कीमत पर पीछे नहीं रह सकता और राज्य को तेज़ रफ़्तार से आगे बढऩे की ज़रूरत है।उन्होंने आशा जताते हुए कहा कि साल 2021 में राज्य में विकास के नये युग की शुरुआत देखने को मिलेगी और किसानों से सम्बन्धित मुश्किलें जल्द हल हो जाएंगी। मुख्यमंत्री ने ज़ोर देते हुए कहा कि उनकी सरकार विकास को और आगे ले जायेगी और राज्य को पेश मसलों के हल के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देगी।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि वह अपने आप को बड़ा भाग्यशाली समझते हैं क्योंकि उनको अपने जीवन में दूसरी बार सिख गुरू साहिबान के ऐतिहासिक प्रकाश पर्व मनाए जाने के पवित्र मौकों का हिस्सा बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के तौर पर अपने पिछले कार्यकाल में उनकी सरकार ने विभिन्न धार्मिक समारोह बड़े स्तर पर मनाए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यकाल के दौरान भी श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के यादगारी समागम करवाए जाने के बाद अब वह ‘हिंद की चादर’ श्री गुरु तेग़ बहादुर जी, जिन्होंने कश्मीरी पंडितों के लिए बलिदान दे दिया और हिंदु-सिख एकता के शाश्वत होने की मिसाल पेश की, के 400वें प्रकाश पर्व को समर्पित शानदार समागम करवाने का मौका मिलने पर ख़ुशी महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह एकजुटता सदा बरकरार रही है और रहेगी।सभी नागरिकों और उनके परिवारों की अच्छी सेहत और ख़ुशहाली के लिए कामना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके जीवन के सबसे बुरे सालों में से एक के अंत के साथ उन्होंने (मुख्यमंत्री) सभी की ‘चढ़दी कला’ के लिए अरदास की और आशा जताई कि साल 2021 में हर पंजाबी की इच्छाएं पुरी हों।

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