पंजाब

लोक निर्माण मंत्री विजय इंदर सिंगला के नेतृत्व में सडक़ीय बुनियादी ढांचे का कायाकल्प

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हज़ारों किलोमीटर सडक़ों की विशेष मुरम्मत और सरकारी रिहायशों को नया रूप दिया
चंडीगढ़ – पंजाब के लोक निर्माण मंत्री श्री विजय इंदर सिंगला के नेतृत्व में पी.डब्ल्यू.डी. ने साल 2020 के दौरान सडक़ीय बुनियादी ढांचे के कायाकल्प की मुहिम जारी रखने के साथ-साथ अनेकों सरकारी इमारतों का निर्माण और मुरम्मत के लिए भी अनेकों महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। श्री गुरु नानक देव जी का 550वें प्रकाश पर्व मनाते हुए इस समय के दौरान 3 उच्च स्तरीय पुल, 2 फुट ओवर ब्रिज और 3 पनटून ब्रिज बनाए गए और इसके अलावा सुल्तानपुर लोधी में 204 किलोमीटर लम्बी 29 सडक़ों का स्तर ऊँचा किया गया है और इनका नवीनीकरण किया गया। सुल्तानपुर-कपूरथला- सुभानपुर- ब्यास-बटाला-डेरा बाबा नानक सडक़ का 102 करोड़ रुपए की लागत के साथ स्तर ऊँचा उठाया गया है। इसका नाम प्रकाश पर्व मार्ग रखा गया है। इस मार्ग को अब सैद्धांतिक तौर पर नेश्नल हाईवे घोषित किया गया है। पी.डब्ल्यू.डी. (बी. एंड आर) के अधिकृत क्षेत्र में पड़ती 15,145 किलोमीटर संपर्क सडक़ों की मुरम्मत के लिए मंज़ूरी दी गई थी। विशेष मुरम्मत प्रोग्राम 2018-19 में 1292 करोड़ की लागत के साथ 13,662 किलोमीटर सडक़ों की मुरम्मत का काम मुकम्मल किया गया है। इसके अलावा विशेष मुरम्मत प्रोग्राम 2020-21 के अधीन 418.15 करोड़ रुपए की लागत के साथ 3047.09 किलोमीटर सडक़ों की मुरम्मत का लक्ष्य भी रखा गया है। यह काम वित्तीय साल 2021-22 के दौरान मुकम्मल किया जायेगा। विभिन्न सरकारी इमारतों के रख-रखाव और विशेष मुरम्मत के लिए सरकार द्वारा 25 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इसके अलावा नये जुडिशियल कोर्ट कॉम्पलैक्सों और रिहायशी इमारतों के निर्माण के लिए 31 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। तहसीलों, स्कूलों, सरकारी कॉलेजों/मैडीकल कॉलेजों और अस्पतालों, जेलों और यादगारों आदि के निर्माण के लिए 86 करोड़ रुपए ख़र्च किये गए हैं।राष्ट्रीय मार्गों के सम्बन्ध में प्रवक्ता ने बताया कि 2086 करोड़ की लागत के साथ 96 किलोमीटर राष्ट्रीय मार्गों को चार-मार्गी बनाने का काम जारी है। इसके साथ ही 2144 करोड़ की लागत के साथ चार आर.ओ.बीज. के साथ 376 किलोमीटर राष्ट्रीय मार्गों का स्तर ऊँचा उठाने का काम भी प्रगति अधीन है, जबकि सी.आर.एफ़ स्कीम के अधीन 123 करोड़ की लागत के साथ 264 किलोमीटर लम्बी सडक़ों का स्तर ऊँचा उठाया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना (पी.एम.जी.एस.वाई) एक और दो के अधीन सारा काम मुकम्मल हो गया है। इस स्कीम के अधीन तीसरे पड़ाव के दौरान 2500 करोड़ की अनुमानित लागत के साथ 3362 किलोमीटर ग्रामीण सडक़ों का स्तर ऊँचा उठाने के लिए योजना बनाई गई है। पी.एम.जी.एस.वाई-3 बैंच-1 के प्रोजैक्ट की मंज़ूरी का विभाग द्वारा इन्तज़ार किया जा रहा है।1091 करोड़ की अनुमानित लागत के साथ 1648 किलोमीटर लम्बी 10 सडक़ों के कार्यों को मंज़ूरी मिल गई है। इसके साथ ही 210 करोड़ रुपए की लागत के साथ 90 पुलों के काम को स्वीकृत किया जा चुका है। प्रवक्ता के अनुसार 182 करोड़ रुपए की लागत के साथ 319 किलोमीटर 53 ग्रामीण सडक़ों का स्तर ऊँचा उठाने और 7 पुलों के निर्माण की नाबार्ड की आर.आई.डी.एफ. स्कीम अधीन मंज़ूरी दी गई।

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