पंजाब

ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के जे.ईज़ की भर्ती फिर से पी.पी.एस.सी. के द्वारा करवाने का फैसला

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पंचायत समितियों में काम करते टैक्स कुलैक्टरों के वेतनमान में संशोधन को मंजूरी
चंडीगढ़ – मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह सरकार ने ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के इंजीनियरिंग विंग में जूनियर इंजीनियरों के 81 पदों की भर्ती पंजाब लोक सेवा आयोग (पी.पी.एस.सी.) से करवाने का फ़ैसला किया है।इससे पहले राज्य सरकार ने इन पदों को पी.पी.एस.सी. के दायरे में से निकाल लिया था और इनकी भर्ती का जिम्मा थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टैक्नॉलॉजी (टी.आई.ई.टी.) को सौंप दिया गया था। 31 जनवरी, 2020 को मंत्रीमंडल की हुई मीटिंग के दौरान इन पदों की भर्ती पी.पी.एस.सी. के अधिकार क्षेत्र में से निकालकर थापर यूनिवर्सिटी, पटियाला या महाराजा रणजीत सिंह यूनिवर्सिटी, बठिंडा जो कि तालमेल विभाग की तरफ से नोटीफायी की गई स्वतंत्र एजेंसियों में से एक हैं, को नियुक्त करते हुए एक समय के लिए उठाए गए कदम के तौर पर करवाने की मंजूरी दी गई थी।हालाँकि, कोविड के मद्देनजऱ थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टैक्नॉलॉजी लिखित परीक्षा नहीं करवा सका। इसके बाद वित्त विभाग ने 17 जुलाई, 2020 को नये वेतनमान नोटीफायी कर दिए और थापर इंस्टीट्यूट के द्वारा भर्ती की प्रक्रिया लम्बित रख ली गई थी।गुरूवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में मंत्रीमंडल की वर्चुअल मीटिंग के दौरान यह फ़ैसला लिया गया कि 81 पद (79 जे.ई. और 2 जे.ई. इलैक्ट्रिकल) जो विभाग के इंजीनियरिंग विंग के पुनर्गठन के बाद सृजन किए गए थे, को मंत्रीमंडल के 14 अक्तूबर, 2020 के फ़ैसले के आधार पर अन्य विभागों के जे.ई के खाली पदों के साथ पी.पी.एस.सी. द्वारा सांझी भर्ती प्रक्रिया के द्वारा भरे जाएंगे।

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