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प्रधानमंत्री ने कच्छ को दी तीन विकास परियोजनाओं की सौगात

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कच्छ को विकास परियोजनाओं की सौगात देते हुए पीएम मोदी ने मंगलवार को 30 हजार मेगावॉट क्षमता वाले देश के सबसे बड़े हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा पार्क, मांडवी में समुद्री पानी को मीठे पानी में तब्दील करने वाले विलवणीकरण संयंत्र और अंजार में स्वचालित दूग्ध प्रस्संकरण और पैकेजिंग प्लांट की रखी बुनियाद।कभी प्राकृतिक संसाधनो के अभाव में विकास से कोसो दूर रहा कच्छ आज दुनियां के नक्शे में विकास की नई इबारत लिख रहा है। मंगलवार को पीएम मोदी ने कच्छ में कई विकास परियोजनाओं की शुरूआत की. कच्छ में आज दुनिया के सबसे बड़े हाईब्रिड रिन्यूबल एनर्जी पार्क की नींव पडी तो शुद्द पानी से लेकर श्वेत क्रांति के मोर्चे पर नये संयंत्रो से गुजरात की क्षमता में बढोत्तरी हुई है। कच्छ आज देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खावड़ा मे भारत पाकिस्तान सीमा के पास स्थित हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा पार्क, मांडवी में डीसेलिनेशन प्लांट और अंजार में दूध प्रसंस्करण और पैकिंग संयंत्र का शिलान्यास किया । प्रधानमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं इलाके की विकास यात्रा का नया आयाम साबित होंगी ।प्रधानमंत्री ने स्वच्छ ऊर्जा के अपनी सरकार के संकल्प को आगे बढाते हुए कच्छ जिले के विगहाकोट गांव के पास दुनिया के सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा पार्क का शिलान्यास किया । 30 गीगावॉट की क्षमता वाला ये पार्क अपनी तरह का देश का पहला ऐसा पार्क होगा जिसमें पवन और सौर ऊर्जा दोनों स्थित हैं । 72,600 हेक्टेयर से भी ज्यादा बड़े क्षेत्र में फैले इस पार्क में पवन और सौर ऊर्जा संचय के लिए एक समर्पित हाइब्रिड पार्क क्षेत्र होगा इसके साथ ही पवन ऊर्जा पार्क की गतिविधियों के लिए भी यहां एक विशेष क्षेत्र होगा। ये पार्क साल 2030 तक 450 गीगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन क्षमता करने के पीएम मोदी के विजन की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा । भारत इस समय नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में चौथी बडी ताकत है । पीएम ने अपने भाषण में इस पार्क के फायदे भी लोगों को बताए।प्रधानमंत्री का ये दौरा कच्छ के रण में मीठे पानी की धारा बहाने की दिशा में भी अहम साबित हुआ । कभी ये इलाका पानी की कमी और सूखे की वजह से परेशान था । लेकिन गुजरात के मुख्यमंत्री रहते प्रधानमंत्री मोदी ने इस इलाके को बदलने का जो बीड़ा उठाया वो अब भी जारी है । प्रधानमंत्री ने मंगलवार को कच्छ के मांडवी में समुद्री जल को पीने के पानी में बदलने के लिए डीसेलिनेशन प्लांट का भी शिलान्यास किया । 10 करोड़ लीटर प्रति दिन की क्षमता वाले इस प्लांट से करीब 8 लाख लोगों को साफ पीने का पानी मिल सकेगा। यह देश में टिकाऊ और सस्ते जल संसाधन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा । प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे पहले शुरु की गयी तमाम परियोजनाओं और इस प्लांट से लाखों लोगों को फायदा होगा ।प्रधानमंत्री ने श्वेत क्रांति की धरा गुजरात के कच्छ के सरहद डेयरी अंजार में पूरी तरह से स्वचालित एक दूध प्रसंस्करण और पैकिंग संयंत्र का शिलान्यास भी किया । इस संयंत्र के निर्माण में 121 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसकी प्रति दिन 2 लाख लीटर दूध को प्रोसेसिंग करने की क्षमता होगी।प्रधानमंत्री ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में कच्छ के विकास और पुननिर्माण के लिए किए गए कामों को याद किया तो साथ ही कच्छ के लोगों की भी खूब सराहना की । कच्छ को पीएम की ये तीन सौगातें न केवल भारत की श्वेत क्रांति और जल सुरक्षा के संकल्प का हिस्सा हैं बल्कि अक्षय ऊर्जा संचालित भविष्य के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम है । जानकारों का मानना है कि ये तीनों परियोजनाएं गुजरात और देश के लिए निरंतर प्रगति के नए युग की शुरुआत करेंगी।

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