पंजाब
मुख्यमंत्री ने पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा दूसरा स्थान मिलने पर दी बधाई
चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने शनिवार को पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी (पी.ए.यू) को साल 2019 के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आई.सी.ए.आर) द्वारा कृषि यूनिवर्सिटियों में से दूसरा रंैक दिए जाने के लिए बधाई दी है।अपने बधाई संदेश में मुख्यमंत्री ने पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी की इस गौरवमयी प्राप्ति के लिए समर्पित भावना और कड़ी मेहनत के द्वारा योगदान देने वाले फेकल्टी और अन्य स्टाफ की प्रशंसा की। उन्होंने यह सम्मान प्राप्त करने में यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. बलदेव सिंह ढिल्लों के योगदान का विशेष तौर पर जि़क्र किया।मुख्यमंत्री ने इस सम्मान को बहुत संतोष और गौरव की बात करार देते हुए कहा कि कृषि यूनिवर्सिटी ने अपने निरंतर अनुसंधान और विकास के चलते अपनी रैंकिंग में सुधार किया है। साल 2016 में यूनिवर्सिटी ने तीसरे, 2017 में चौथे, 2018 में सातवें स्थान के बाद अब 2019 में दूसरा स्थान हासिल करके राज्य का नाम रौशन किया है। फसलों, सब्जियों और फलों की गुणवत्ता और मात्रा में निरंतर सुधार करने के चलते पी.ए.यू. ने यह प्राप्ति हासिल की है।जि़क्रयोग्य है कि साल 2018 आई.सी.ए.आर. द्वारा पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी को पाँच सालों (2012-2017) के लिए कृषि के क्षेत्र में समूची प्राप्तियों के लिए सरदार पटेल संस्था का पुरुस्कार भी दिया गया था।पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी जिसने साठ के दशक में हरित क्रांति का नेतृत्व किया, को मुख्य रखते हुए फसलों की नयी किस्मों के विकास में अनुसंधान को उत्साहित करने के लिए अपनी कोशिशों को और तेज़ करने के लिए सबको सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने कृषि यूनिवर्सिटी को सहयोगी कृषि गतिविधियों के द्वारा फ़सलीय विविधता को उत्साहित करने के लिए सहायता दी जिससे किसानों की आय की पूर्ति की जा सके जोकि स्थिर न्यूनतम समर्थन मूल्य के कारण गंभीर कृषि संकट से गुजऱ रहे हैं। उनको अपनी उपज का बनता मूल्य नहीं मिल रहा। उन्होंने आशा जताई कि यूनिवर्सिटी राज्य के किसानों को अपनी विस्तार सेवाओं के द्वारा फ़सलीय विविधता को अपनाने के लिए प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाएगी ।