पंजाब
‘अगर आप अपने शिकवे सार्वजनिक तौर पर ज़ाहिर करना चाहते हो तो आप कांग्रेस को अलविदा कह सकते हो’ – कैप्टन अमरिन्दर सिंह
कहा, बिहार चुनाव नतीजों पर ज़्यादा गहराई में जाने की ज़रूरत नहीं, पार्टी में लीडरशिप बदलाव की कोई ज़रूरत नहीं
चंडीगढ़ – कांग्रेस में अंदरूनी लोकतंत्र की कमी के दोषों को ख़ारिज करते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने गुरूवार को कहा कि हर कोई अपने शिकवे पार्टी प्रधान या वर्किंग कमेटी के पास उठाने के लिए स्वतंत्र है परन्तु पार्टी के अंदरूनी मामलों को सार्वजनिक मंचों पर नहीं उठाया जा सकता।सार्वजनिक असहमति की रिपोर्टों के बीच कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा, ‘अगर आप कांग्रेसी हो तो आप पार्टी की कामकाज में किसी भी मुश्किल के लिए पार्टी प्रधान या कांग्रेस वर्किंग कमेटी के पास जा सकते हो परन्तु आपको अपने शिकवे खुलेआम ज़ाहिर नहीं करने चाहिए। अगर आप ऐसा करना चाहते हो तो आपको पार्टी छोड़ देनी चाहिए।’मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने यह सबक स्व. प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से सीखा था, जब वह कांग्रेस से संसद थे। इंदिरा गांधी ने उनको कहा था कि पार्टी के अंदरूनी मसले पार्टी के अंदर ही रहने चाहिएं और यह कांग्रेस के लिए अभी भी सही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रधान सोनिया गांधी ने किसी को भी सज़ा नहीं दी जिसने विरोध में आवाज उठाई परन्तु वास्तव में उनकी तरफ से उस समय पर विभिन्न कमेटीयों का मैंबर बनना सुधार लाने की ख़ातिर लोकतंत्र की सच्ची भावना के अंतर्गत उठाया कदम था।बिहार चुनाव नतीजों की रौशनी में पार्टी लीडरशिप में तबदीली के सुझावों को रद्द करते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि सोनिया गांधी जब तक चाहते हैं, तब तक पार्टी प्रमुख बने रह सकते हैं। उनके बाद ही नया नेता चुना जायेगा। उन्होंने कहा कि इस समय बदलाव की कोई ज़रूरत नहीं। बिहार चुनाव नतीजों पर गहराई में आलोचना करने की ज़रूरत नहीं।मुख्यमंत्री ने कहा कि हार और जीत असली लोकतंत्र की प्रक्रिया का हिस्सा हैं और खुशकिस्मती से यह भारत में होता है। उन्होंने कहा कि अमरीकी लोकतंत्र के उल्ट भारत में एक सच्चा लोकतंत्र है जहां राजसी उतार-चढ़ाव इस का हिस्सा हैं। उन्होंने वह समय याद किया जब संसद में भाजपा के दो ही मैंबर थे। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस 2024 में सत्ता में वापसी करेगी।