पंजाब

गन्ना अनुसंधान और विकास केंद्र कलानौर गन्ना काश्तकारों के लिए वरदान साबित होगा- सुखजिन्दर सिंह रंधावा

Posted on

अनुसंधान केंद्र के प्रति एकड़ गन्ने की पैदावार और रिकवरी को बढ़ाने के लिए सहायक सिद्ध होगा – सहकारिता मंत्री

चंडीगढ़ – कलानौर में स्थापित किया जा रहा गन्ना अनुसंधान और विकास केंद्र गन्ना काश्तकारों के लिए वरदान साबित होगा। आधुनिक विधियों से लैस यह केंद्र न केवल किसानों को नयी तकनीकों से अवगत करवाने के लिए प्रशिक्षण देगा बल्कि गन्ने की उत्तम किस्म के बढिय़ा बीज भी तैयार करेगा जिसके निष्कर्ष के तौर पर प्रति एकड़ पैदावार और गन्ने की रिकवरी में विस्तार होगा। यह केंद्र किसानों के साथ सहकारी चीनी मिलों की आर्थिकता को बढ़ावा वाला सिद्ध होगा।
यह बात सहकारिता मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने पंजाब गन्ना अनुसंधान और विकास केंद्र कलानौर (जि़ला गुरदासपुर) की गवर्निंग कौंसिल की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुये कही। उन्होंने कहा कि फ़सलीय विभिन्नता के लिए गन्ने की खेती को बढ़ावा देना समय की ज़रूरत है क्योंकि गन्ने की फ़सल किसानों को फ़सलीय चक्कर में बाहर निकाल सकने के लिए सबसे अधिक संभावनाएं रखती है।
स. रंधावा ने आगे कहा कि गन्ने की खेती को उत्साहित करने के लिए स्थापित किया जा रहा गन्ना अनुसंधान और विकास केंद्र जिसकी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तरफ से पहले ही इस केंद्र को मंज़ूरी दे दी गई, से गन्ने की काश्त के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास को उत्साहित किया जायेगा। यह कदम फ़सलीय विभिन्नता के लिए मील पत्थर साबित होगा क्योंकि इससे किसान गन्ने की काश्त की तरफ मुड़ पाएंगे। इससे सहकारी चीनी मिलों को भी बढिय़ा किस्म का गन्ना मिलेगा।
सहकारिता मंत्री ने आगे कहा कि बीज की शुद्धता की जांच के लिए शूगरफैड ने गन्ना बीज केंद्र कोयम्बटूर के पास से पिछले साल गुरदासपुर, बटाला और अजनाला क्षेत्र में गन्ना काश्तकारों की तरफ से बीज सीओ -0238 किस्म के गन्ने का डी.एन.ए. टैस्ट करवाया था। डी.एन.ए. रिपोर्टों से पता चला कि किसानों की तरफ से इस्तेमाल किया गया बीज शुद्ध नहीं था बल्कि मिश्रित किस्मों के थे जिस कारण इस किस्म का राज्य में बढिय़ा नतीजा सामने नहीं आया।
इसी दौरान मीटिंग में गवर्निंग कौंसिल ने इस केंद्र का डायरैक्टर नियुक्त करने के लिए सहकारिता मंत्री जो कौंसिल के चेयरमैन भी हैं, को अधिकारित किया। कौंसिल ने यह भी फ़ैसला किया कि कृषि माहिर के अलावा राज्य के दो प्रसिद्ध प्रगतिशील गन्ना किसानों को गवर्निंग कौंसिल के लिए नामज़द किया जाये।
मीटिंग में विशेष मुख्य सचिव सहकारिता कल्पना मित्तल बरुआ, अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास अनिरुद्ध तिवाड़ी, रजिस्ट्रार सहकारी सभाएं विकास गर्ग, पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी लुधियाना के उप कुलपति डा.बी.एस.ढिल्लों, वसंतादादा शुगर इंस्टीट्यूट पुणे के डायरैक्टर जनरल शिवाजी राओ देशमुख, नेशनल फेडरेशन ऑफ कोआपरेटिव शुगर फैक्टरीज के मुख्य गन्ना सलाहकार डा.राओ साहिब डोले, शूगरफैड पंजाब के एम.डी. पुनीत गोयल, पंजाब के गन्ना कमिश्नर गुरविन्दर सिंह, अतिरिक्त सचिव वित्त सुरिन्दर कौर वड़ैच, सहकारी चीनी मिल अजनाला के जनरल मैनेजर कम केंद्र के कार्यकारी डायरैक्टर शिवराजपाल सिंह और शूगरफैड के जनरल मैनेजर (मुख्यालय) कंवलजीत सिंह उपस्थित थे।

Click to comment

Most Popular

Copyright © 2018 www.dinkarnews.com. All Rights Reserved Designed by TEJ iNFO