पंजाब

ग्रामीण विकास के लिए स्मार्ट विलेज कम्पेन के दूसरे चरण के अंतर्गत 17440 विकास कार्यों की 327 करोड़ रुपए की लागत से शुरूआत

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मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों के विकास प्रोजैक्ट समय पर पूरा करने के निर्देश
चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा महत्वपूर्ण स्मार्ट विलेज कम्पेन के दूसरे चरण की शुरुआत किये जाने से तुरंत बाद ही राज्य भर की ग्राम पंचायतों में 17440 विकास कार्य 327 करोड़ रुपए की लागत से शुरू किये जा चुके हैं जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का समूचा विकास किया जा सके।जि़क्रयोग्य है कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने 17 अक्तूबर, 2020 को स्मार्ट विलेज मुहिम के दूसरे चरण की शुरुआत की थी। इससे पहले 835 करोड़ रुपए की लागत से 19,132 विकास कार्यांे को पहले चरण के अंतर्गत 2019 में शुरू हुई मुहिम के दौरान पूरा किया गया था। पहले चरण में छप्पड़ों की सफ़ाई, स्ट्रीट लाईटों, पार्क, जिमनेजिय़म, कम्युनिटी हॉल, पीने वाले पानी की सप्लाई, मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र, स्मार्ट स्कूल और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं मुहैया करवाई गई थीं जिससे पंजाब के गाँव स्वै:निर्भर होकर विकास की राह पर चल सकें।कैप्टन अमरिन्दर सिंह की हिदायतों पर इस मुहिम के दूसरे चरण के अंतर्गत 48910 विकास प्रेाजैक्ट कुल 2775 करोड़ रुपए की लागत से पूरे किये जा रहे हैं। इस मुहिम के दौरान ‘हर घर पक्की छत’ पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा जिसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों और गरीबों को रहने के लिए घर प्रदान किये जाएंगे और ऐसा करते समय यह भी ध्यान में रखा जायेगा कि महिला प्रधान घरों, दिव्यांग व्यक्तियों, गंभीर बीमार व्यक्तियों, शहीदों के परिवारों और अनुसूचित जातियों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के 750 खेल स्टेडियमों का विकास किया जाये।एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि दूसरे चरण के अंतर्गत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने सम्बन्धी उपरोक्त प्रोजेक्टों की फंडिंग के स्रोतों में 14वें वित्त आयोग की ग्रांटें (1088 करोड़ रुपए) और 15वें वित्त आयोग की ग्रांटें (694 करोड़ रुपए) शामिल हैं जिनको कि 22 जिलों की 13265 ग्राम पंचायतों को पहले ही मुहैया करवाई जा चुकी हंै। इसके अलावा अन्य स्रोतों में मगनरेगा, ग्रामीण विकास फीस और ग्राम पंचायतों के अपने साधनों को इन विकास कामों के लिए मुहैया करवाया जा रहा है।अन्य विवरण देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि फरीदकोट में 686 काम 15.85 करोड़ की लागत से शुरू किये गए हैं। इसके अलावा तरन तारन में 671 काम (39.86 करोड़ रुपए), जालंधर में 1754 काम (21.30 करोड़ रुपए), पटियाला में 1493 काम (27.08 करोड़ रुपए), फतेहगढ़ साहिब में 781 काम (9.59 करोड़), पठानकोट में 602 काम (12.97 रुपए) करोड़), लुधियाना में 897 काम (13.79 करोड़), शहीद भगत सिंह नगर में 833 काम (18.27 करोड़ रुपए), रूपनगर में 512 काम (7.03 करोड़ रुपए), एसएएस नगर में 526 काम (4.15 करोड़ रुपए), श्री मुक्तसर साहिब में 815 काम (14.47 करोड़ रुपए), अमृतसर में 773 काम (16.44 करोड़ रुपए), होशियारपुर में 1491 काम (16.60 करोड़ रुपए), गुरदासपुर में 1423 काम (22.86 करोड़ रुपए), बठिंडा में 762 काम (23.20 करोड़ रुपए), मानसा में 469 काम (7.17 करोड़ रुपए), कपूरथला में 601 काम (10.02 करोड़ रुपए), संगरूर में 709 काम (15.58 करोड़ रुपए), फिऱोज़पुर में 520 काम (7.31 करोड़ रुपए), बरनाला में 177 काम (3.70 करोड़ रुपए), मोगा में 341 काम (13.25 करोड़ रुपए) और फाजिल्का में 604 काम (7करोड़ रुपए) की लागत से शुरू किये गए हैं।

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