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पंजाब सरकार ने नयी वज़ीफ़ा स्कीम शुरू करके राज्य के ऐस.सी. विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित किया – साधु सिंह धर्मसोत

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कहा, शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी के पास नहीं कोई राजनैतिक मुद्दा, बेवजह कर रही हैं विरोध
चंडीगढ़ – पंजाब सरकार ने नयी वज़ीफ़ा स्कीम शुरू करके राज्य के अनुसूचित जाति वर्ग से सम्बन्धित विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित कर दिया है, क्योंकि केंद्र की भाजपा सरकार ने केंद्रीय ऐस.सी. वज़ीफ़ा स्कीम को ख़ात्म कर दिया है। पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार की तरफ से हाथ पीछे खींचने के बाद अपने स्तर पर डा. बी.आर. अम्बेदकर ऐस. सी. पोस्ट मैट्कि स्कॉलरशिप स्कीम की शुरूआत की है जोकि अकादमिक सैशन 2020 -21 से लागू की जा रही है।पंजाब के सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मंत्री स. साधु सिंह धर्मसोत ने एक प्रैस बयान के द्वारा यह प्रगटावा करते हुये कहा कि इस स्कीम के अंतर्गत ऐस.सी. विद्यार्थी सरकारी और प्राईवेट संस्थाओं में उच्च शिक्षा हासिल करने के समर्थ बनेंगे। इसके अंतर्गत अधिक से अधिक विद्यार्थियों को लाभ देने के लिए इस स्कीम का दायरा बढ़ाने के लिए आमदनी सम्बन्धी मापदंड 2.5 लाख रुपए से बढ़ा कर 4 लाख रुपए कर दिया है, जिससे बड़ी संख्या विद्यार्थियों को स्कीम का लाभ मिलेगा।मंत्री ने बताया कि नयी वज़ीफ़ा स्कीम से अनुसूचित जातियों से सम्बन्धित उन विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा, जो पंजाब के निवासी हैं और पंजाब से (चण्डीगढ़ समेत) दसवीं पास कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस स्कीम का कुल वित्तीय बोझ लगभग 600 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। इसमें से राज्य सरकार की तरफ से प्राईवेट अदारों को 60 प्रतिशत राशी की प्रतिपूर्ति की जायेगी।
स. धर्मसोत ने बताया कि भारतीय संविधान ने अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को 25 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है परन्तु उच्च शैक्षिक संस्थाओं में ज़्यादा फ़ीसें होने के कारण विद्यार्थियों को दाखि़ला लेने में रुकावट आती थी, जिसको दूर करते हुये पंजाब सरकार ने अब यह वित्तीय बोझ आप उठाने का फ़ैसला किया है।स. धर्मसोत ने कहा कि मोदी सरकार की गरीब, मज़दूर और किसान विरोधी नीतियां जग ज़ाहिर हो चुकी हैं। अब जब वक्त है कि इन जन विरोधी नीतियों का विरोध किया जाये, तो आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल, भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का विरोध करने की बजाय पंजाब सरकार का विरोध कर रही हैं। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी के पास आज कोई राजनैतिक मुद्दा नहीं रहा, वह बेवह ही विरोध करके लोगों का ध्यान खींचने का असफल यत्न कर रही हैं।शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी को दिल्ली जाकर धरना लगाने पर केंद्र सरकार का विरोध करने की सलाह देते हुये स. धर्मसोत ने कहा कि विरोधी पार्टियाँ यह समझने की कोशिश करें कि पंजाब और पंजाबियों के हक में काम कौन कर रहा है और विरोध में कौन। उन्होंने कहा कि विरोधी पार्टियों को पूरी स्थितियां समझ कर ही विरोध करने की ज़रूरत है, नहीं तो यह समय बर्बाद करने का ही एक ढकोसला मात्र है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों, गरीबों, महिलाओं के कल्याण के अलावा हर क्षेत्र में विलक्षण कार्य कर रही है।

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