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बिहार में पहले चरण के मतदान में कोरोना की महामारी के खौफ के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने किया मतदान
कोविड काल में आज देश में पहली बार किसी राज्य स्तरीय चुनाव के पहले चरण में वोट डाले गए हैं। और अगर मतदान के आंकड़ें को देखा जाए तो साफ तौर पर कहा जा सकता है कि बिहार के मतदाताओं ने सीधा संकेत दिया है कि वो कोरोना के डर से अपने लोकतांत्रिक अधिकार का हनन नहीं होने देंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के मुताबिक शाम 5 बजे तक 52.24 फ़ीसदी वोटिंग हुई जिससे ये अनुमान लगाया जा सकता है कि फाइनल आंकड़ा 2015 के विधानसभा चुवान में दर्ज किए गए 54.94 फ़ीसदी से ऊपर होगा।बिहार के चार अलग जिलों की ये तस्वीरें बता रही हैं कि लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सेदारी के लिए आम जन का उत्साह दिन भर हिलोरे मारता रहा । कोरोना काल के बावजूद भी लोगों का उत्साह मतदान के लिए चरम पर था । क्या महिला क्या पुरुष क्या युवा क्या बुजुर्ग , हर कोई इस महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना चाह रहा था और यही वजह है मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी लाइनें लगी रही।राज्य के 16 जिलों की 71 सीटों पर बुधवार सुबह सात बजे शुरु हुआ । नक्सल प्रभावित इलाकों को छोडकर बाकी जगहों पर मतदान शाम छह बजे खत्म हुआ । आखिरी घंटे के मतदान में कोरोना पीडितों के लिए था । ईवीएम में खराबी की कुछ छिटपुट घटनाओं को छोडकर मतदान शांतिपूर्ण रहा।बुधवार को जिन 71 सीटों पर मतदान संपन्न हुआ वहां 31 हजार से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए थे और दो करोड़ 14 लाख से भी अधिक मतदाता थे । पहले चरण में राज्य की मगध इलाके की 53 और और अंग इलाके की 18 सीटों पर वोट डाले गए । कोरोना महामारी के दौरान देश में यह पहला विधानसभा चुनाव है। संक्रमण के खतरे को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे । सुबह से ही पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की लंबी कतारें दिख रही हैं। वोटर मास्क और ग्लब्स के साथ सामजिक दूरी का पालन कर रहे थे । बूथ में प्रवेश के पहले वोटरों की थर्मल स्क्रीनिंग की गयी।तमाम जिलों में शुरुआती तीन घंटों में मतदान की गति धीमी रही लेकिन दोपहर होते होते मतदाताओं की संख्या बढती चली गयी । खास बात ये रही कि महिलाओं और युवाओं में खासा उत्साह देखा गया।राज्य में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान संपन्न कराने के लिए नक्सल प्रभावित सभी मतदान केंद्रों पर अर्द्ध सैनिक बल की तैनाती सुनिश्चत की गयी थी।पहले चरण के मतदान के दौरान तमाम वीआईपी मतदताओं ने भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया । इनमें केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी शामिल है जिन्होने लखीसराय मे मतदान किया । इसके अलावा राज्य सरकार के तमाम मंत्रियों के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी वोट दिया ।सबने अपनी अपनी जीत के दावे किए ।कुल मिलाकर 71 सीटों पर पूरी सावधानी और उत्साह के साथ मतदान पूरा हो गया है । पहले चरण की वोटिंग के उत्साह के बाद अब सबकी नजरें बाकी चरणों पर होंगी कि क्या ऐसा ही उत्साह बाकी चरणों में भी दिखेगा।