पंजाब

मुख्य सचिव विनी महाजन द्वारा जि़ला रूपनगर, शहीद भगत सिंह नगर और एस.ए.एस. नगर में चल रहे विकास कार्यों का जायज़ा

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पराली जलाने की घटनाओं में बड़ी कमी और सरकार का हर विभाग लोगों को फ़सलीय अवशेष न जलाने के लिए कर रहा है जागरूक
चंडीगढ़ – पंजाब सरकार कोरोना की महामारी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि कोरोना ने पूरी दुनिया और हिन्दोस्तान के अलग अलग क्षेत्रों में कहर ढाया है परन्तु यह हमारी खुशकिस्मती और पंजाब सरकार के बढिय़ा प्रबंध हैं जिनके कारण कोरोना के प्रकोप को काफ़ी हद तक रोकने में कामयाब हुए हैं। चाहे मौजूदा समय में करोना की रफ़्तार कुछ धीमी हो गई है परन्तु स्वास्थ्य माहिरों के अनुसार दिसंबर या जनवरी के महीने कोरोना के मामलों में फिर से तेज़ी आ सकती है। इसलिए हमारी स्वास्थ्य संस्थाओं को यह हिदायतें की गई हैं कि कोरोना मामलों की पहचान, टेस्टिंग और इलाज में कोई कोताही न बरती जाये बल्कि स्वास्थ्य प्रबंधों को और मज़बूत किया जाये जिससे भविष्य में यदि कोरोना केस बढ़ते हैं तो हमारी तैयारी पूरी हो। यह विचार मुख्य सचिव, पंजाब श्रीमती विनी महाजन ने आज जि़ला प्रशासनिक कम्पेलक्स, रूपनगर में पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान प्रकट किए।
मुख्य सचिव विनी महाजन आज रूपनगर डिवीजऩ के दौरे पर आई थीं। उन्होंने प्रात:काल श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेका। इसके बाद उन्होंने जि़ला प्रशासनिक कंपलैक्स, रूपनगर में तीन जिलों रूपनगर, एस.ए.एस. नगर और एस.बी.एस. नगर के डिप्टी कमीश्नरों के साथ कोरोना की मौजूदा स्थिति के अलावा इन जिलों में चल रहे विकास कार्यों का जायज़ा लेने के लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वन्य जीव सुरक्षा विभाग श्रीमती रवनीत कौर, प्रमुख सचिव वाटर सप्लाई और सेनिटेशन श्रीमती जसप्रीत तलवार, कमिश्नर रूपनगर डिवीजऩ श्री राज कमल चौधरी, डिप्टी कमिश्नर रूपनगर श्रीमती सोनाली गिरी, डिप्टी कमिश्नर एस.ए.एस. नगर श्री गिरीश दयालन, डिप्टी कमिश्नर शहीद भगत सिंह नगर श्रीमती शेना अग्रवाल और एस. एस. पी. रूपनगर डॉ. अखिल चौधरी भी उपस्थित थे।मुख्य सचिव श्रीमती विनी महाजन ने मीटिंग के दौरान इन तीन जिलों में कोरोना की बीमारी की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने विशेष तौर पर यह हिदायतें कीं कि जि़ला अस्पतालों में कोरोना के टैस्ट 24 घंटे किये जाने की व्यवस्था की जाये। उन्होंने इन जिलों में धान की कटाई के बाद पराली को जलाए जाने की मौजूदा स्थिति बारे भी सम्बन्धित डिप्टी कमीश्नरों से जानकारी ली। पराली जलाने के कम हो रहे रुझान पर संतुष्टि ज़ाहिर करते हुए मुख्य सचिव ने डिप्टी कमीश्नरों को हिदायत की कि इस मामले में किसी भी तरह की ढील न बरती जाये और फ़सलीय अवशेष को आग लगाने वालों के खि़लाफ़ कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाये। मीटिंग के दौरान पंजाब सरकार की स्कीमों की समीक्षा करने के अलावा मुख्य सचिव ने डैपो प्रोग्राम, स्वास्थ्य विभाग के ओट क्लीनिक और रि-हैबलीटेशन सैंटरों की स्थिति के अलावा नशा मुक्ति केन्द्रों के काम-काज और स्थिति बारे भी जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने इन जिलों में आबकारी और कर की वसूली, स्टैंप ड्यूटी, वैट और जी.एस.टी. की वसूली के मौजूदा आंकड़ों बारे भी जानकारी हासिल की।इस समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों के साथ अनौपचारिक मुलाकात के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि त्योहारों का सीजन आ रहा है जिनके साथ हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाएं जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि चाहे कोरोना की बीमारी अभी पूरी तरह ख़त्म नहीं हुई परन्तु इन त्योहारों के महत्व को समझते हुए पंजाब सरकार ने लोगों को कुछ छूट दी है परन्तु इसके साथ ही बड़े सामाजिक सरोकार को मुख्य रखते हुए कुछ पाबंदियाँ भी लगाई गई हैं जैसे कि लोगों को एक जगह पर अधिक भीड़ करने से मना किया गया है और सार्वजनिक स्थानों पर जाने के समय मास्क का प्रयोग करें और सोशल डिस्टैंसिंग को बरकरार रखने की हिदायतें की गई हैं।उन्होंने बताया कि सरकार की पहल कदमियों के कारण इस वर्ष पराली जलाने का रुझान बहुत कम हुआ है। उन्होंने कहा कि विभिन्न पंचायतें अपने स्तर पर प्रस्ताव लाकर पराली न जलाने का प्रण कर रही हैं जबकि अलग अलग किसान सोशल मीडिया के द्वारा यह बता रहे हैं कि पराली को जलाए जाने से जहाँ वातावरण दूषित होता है वहीं ज़मीन की उपजाऊ शक्ति भी घटती है। उन्होंने बताया कि लोगों में काफ़ी जागरूकता आई है और सरकार का हर विभाग इस बारे लोगों को जागरूक करने हेतु पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहा है।

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