पंजाब

कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा माल गाड़ीयों पर रोक हटाने के लिए किसान जत्थेबंदियों के फ़ैसले का स्वागत

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किसान यूनियनों को त्योहारों के मौके पर घर आने वाले पंजाबियों की मदद के लिए यात्री रेल गाड़ीयाँ भी जाने देने के लिए कहा
चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने किसान यूनियनों द्वारा माल गाड़ीयाँ निकलने देने की इजाज़त देने के फ़ैसले का स्वागत करते हुए इसको राज्य के अर्थचारे और इसके पुनर्जीवन के हित में बताया।मुख्यमंत्री ने उनकी अपील को सकारात्मक समर्थन देने के लिए किसान यूनियनों का धन्यवाद करते हुए कहा कि किसानों ने यह कदम उठाकर पंजाब के लोगों के प्रति अपने प्यार और संजीदगी का प्रदर्शन किया है क्योंकि इससे राज्य को कोयले की अति अपेक्षित सप्लाई मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि रेल रोको आंदोलन के कारण कोयले की कमी होने के कारण पंजाब के लोग मुकम्मल बिजली बंद होने का सामना कर रहे थे और किसान जत्थेबंदियों का फ़ैसला उनके लिए बड़ी राहत के तौर पर आया है।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इस फ़ैसले के साथ किसान जत्थेबंदियों ने यह भी यकीनी बनाया कि उद्योग को और परेशानी सहन न करनी पड़े और उद्योग फिर से पैरों पर खड़ा होगा। किसानों का रेल रोको संघर्ष उद्योग के लिए बड़े वित्तीय घाटे का कारण बना जबकि उद्योग पहले ही कोविड महामारी के कारण संकट में में घिरा हुआ था।मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि माल गाड़ीयों के चलने से राज्य में यूरिया की कमी की पूर्ति करने में सहायता मिलेगी जिससे किसान भाईचारे के लिए खाद की तत्काल ज़रूरत को पूरा किया जा सकेगा।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि किसानों ने राज्य को निराश नहीं किया और वह भी निजी तौर पर यकीनी बनाएंगे कि उनकी सरकार कभी भी किसानों को निराश न करे। उन्होंने किसानों के जीवन और रोज़ी रोटी को बचाने के लिए अपनी सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुए कहा कि केंद्र के काले खेती कानूनों के कारण किसानों पर गहरा संकट छाया हुआ है।हालाँकि, मुख्यमंत्री ने किसान जत्थेबंदियों को यात्री रेलों पर भी रोक हटाने की भी अपील की क्योंकि हर रोज़ ख़ासकर त्योहारों के समय के दौरान हज़ारों पंजाबी सफऱ करते हैं। पंजाबियों के हित में यात्री रेलें गुज़रने देने की इजाज़त देने के लिए किसानों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग त्योहारों के सीजन के दौरान अपने परिवारों के पास घर वापस आना चाहते हैं।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार केंद्रीय कानूनों के खि़लाफ़ किसानों की लड़ाई में उनके साथ डटकर खड़ी रहेगी और किसान अपने राज्य के लोगों के लिए असुविधा पैदा किये बिना धरनों और अन्य लोकतांत्रिक तरीकों के द्वारा अपनी लड़ाई जारी रख सकते हैं।

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