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मुख्यमंत्री द्वारा कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए धार्मिक संस्थायों को समागमों के दौरान 50 व्यक्तियों से कम का जमावड़ा करने की अपील

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राज्य में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने के लिए मुहिम की शुरुआत कल से
चंडीगढ़ – राज्य सरकार द्वारा कोरोनावायरस (कोविड-19) संबंधी लोगों को घर-घर जाकर जागरूक करने सम्बन्धी कल से शुरु की जा रही जागरूकता मुहिम के मद्देनजऱ पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा कोविड-19 की रोकथाम के लिए सरकार की कोशिशों में साथ देने के लिए समूह धार्मिक संस्थाओं और डेरा मुखियों को अपने समागमों में 50 व्यक्तियों से कम की सभा करने की अपील की गई है।स्वास्थ्य और अन्य सम्बन्धित विभागों के साथ क्रमवार समीक्षा मीटिंगों के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोनावायरस के एकमात्र पुष्टि किये गए मामले के साथ पंजाब अब तक सुरक्षित है, परन्तु विश्व स्तर पर फैल रही इस महामारी को देखते हुए कोई भी ढील नहीं बरती जा सकती।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छोटे मामलों में दोषी ठहराए गए लोगों को ज़मानत देने और जेल में काफ़ी समय बिताने वाले दोषियों को पैरोल देने पर भी विचार कर रही है। उन्होंने आगे बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने जेलों में कैदियों की संख्या घटाने बारे बात की है। उन्होंने कहा कि अंतिम फ़ैसला अदालतों पर निर्भर है और राज्य के एडवोकेट जनरल श्री अतुल नन्दा यह मामला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस के पास उठा रहे हैं।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि कोविड-19 बहुत से देशों में एक महामारी के रूप में फैल रहा है और भारत में भी इसका ख़तरा पैदा हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार इस बीमारी को आगे फैलने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की चपेट में आए मुल्कों से आने वाले सभी लोगों की सख्त निगरानी की जा रही है और अब तक 116 संदिग्ध मामलों की जांच की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार विद्यार्थियों को घरों में ही मिड-डे-मील मुहैया करवाने या इसके बदले उनके खातों में पैसे डालने पर भी विचार रही है हालाँकि अब तक ऐसी कोई विनती प्राप्त नहीं हुई।लोगों को भीड़-भाड़ से दूर रहने और समागमों में 50 व्यक्तियों या इससे कम की सभा करने सम्बन्धी राज्य सरकार के निर्देशों की सख्ती से पालन करने की अपील को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कोरोनावायरस के बढ़ रहे खतरे को कम करने के लिए धार्मिक संस्थाओं से अपील की कि वह अपने समागमों के दौरान जलसे को 50 या इससे कम व्यक्तियों तक ही सीमित रखें। बुज़ुर्गों और रोगों से लडऩे की कम सामथ्र्य वाले लोगों में कोविड-19 के कारण अधिक मृत्युदर को देखते हुए उन्होंने ऐसे लोगों को अधिक से अधिक सचेत रहने और सावधानी बरतने और उनके पारिवारिक सदस्यों को वायरस से बचने के लिए विशेष ध्यान रखने की भी अपील की।इस समस्या से निपटने में लगे डॉक्टरों और अन्य मैडीकल स्टाफ की सख्त मेहनत की प्रशंसा करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि राज्य के पास हालात से निपटने के लिए उचित साधन और दवाएँ उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के मरीज़ों को अलग रखने के लिए ज्ञान सागर मैडीकल कॉलेज, राजपुरा के सभी होस्टल में कुल 1700 बैड उपलब्ध हैं।

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