पंजाब

11वीं राष्ट्रीय पशूधन चैंपियनशिप दूध दोहन के नये कीर्तिमान स्थापित करती हुई शानो-शौकत के साथ समाप्त

Posted on

लुधियाना जि़ले के गाँव चिमना के किसान अमरजीत सिंह की गाय ने 68.800 किलो ग्रांम दूध देकर इतिहास रचा

चंडीगढ – ऐतिहासिक शहर बटाला में पंजाब सरकार द्वारा कराई गई 11वीं राष्ट्रीय पशूधन चैंपियनशिप और एग्री एक्सपो-2020 आज दूध दोहन के नये कीर्तिमान स्थापित करती हुई शानो-शौकत के साथ पूरी हो गई। इस पशूधन चैंपियनशिप के विजेता पशु-पालकों को 2 करोड़ रुपए के नकद इनामों की बाँट राज्य के पशु पालन, मछली पालन और डेयरी विकास मंत्री स. तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा और सहकारिता मंत्री स. सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने सांझे तौर पर की।
11वीं पशूधन चैंपियनशिप में गाएँ के दूध दोहन के मुकाबले में नया कीर्तिमान बना है। लुधियाना जि़ले के गाँव चिमना के किसान अमरजीत सिंह की एच.एफ. गाय ने एक दिन में 68.800 किलोग्राम दूध देकर डेढ़ लाख रुपए का पहला इनाम जीता। इसी कैटागरी में सांझे तौर पर दूसरा स्थान लुधियाना जि़ले के गाँव रोहला के किसान सरबजीत सिंह की गाय और हरियाणा के करनाल जि़ले के गाँव गालिब खेड़ी के किसान बलदेव सिंह की गाय ने 66.200 किलोग्राम दूध देकर हासिल किया। इन दोनों पशु पालकों को 75500-75500 हज़ार रुपए का इनाम मिला है।
भैंस के दूध दोहन के मुकाबले में लुधियाना जि़ले के गाँव राजपुर के किसान परमजीत सिंह की भैंस सबसे अधिक 27.200 किलोग्राम दूध देकर पहले स्थान पर रही और उसने डेढ़ लाख रुपए का पहला इनाम जीता। दूसरा इनाम सांझे तौर पर फाजि़ल्का जि़ले के गाँव चक्क बरूक के किसान बरिन्दर सिंह की भैंस और हिसार के गाँव मुन्दल के किसान पवन कुमार की भैंस ने बराबर 21.800 किलोग्राम दूध देकर हासिल किया।
बकरियों के दूध दोहन के मुकाबले में सबसे अधिक दूध अमृतसर जि़ले के गाँव लोहारका काला के किसान बलदेव सिंह की बकरी ने 4.466 किलोग्राम दूध दिया और पहला स्थान हासिल किया। दूसरा स्थान गुरदासपुर जि़ले के गाँव भारतवाल के किसान दारा की बकरी ने 4.172 किलोग्राम दूध देकर हासिल किया जबकि अमृतसर जि़ले के गाँव सहसरा के किसान हरमेश सिंह की बकरी 4.012 किलोग्राम दूध देकर तीसरे स्थान पर रही। इसके अलावा 5 दिन चली इस राष्ट्रीय पशुधन चैंपियनशिप में घोड़े, गाएँ, भैंसें, भेडें, बकरियों, सूअर, कुत्ते, पोल्ट्री के नसलों के मुकाबले भी करवाए गए और साथ ही पशु-पालन पेशे से सम्बन्धित और कृषि से सम्बन्धित विचार गोष्टियां भी की गई। कैबिनेट मंत्री स. तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा और सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने पशुओं के दूध दोहने की मज़दूरी और पशूओं की नसलों के मुकाबले के विजेता पशु-पालकों को 2 करोड़ रुपए के नकद इनाम बाँटे।
इस मौके पर विजेता पशु पालकों और चैंपियनशिप में भाग लेने वाले सभी पशु पालकों को बधाई देते हुए पशु पालन मंत्री स. तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों को पशु पालन के पेशे से जोडऩे के लिए पूरे यत्न कर रही है और बटाला में हुई यह 11वीं राष्ट्रीय पशूधन चैंपियनशिप और एग्री एक्सपो इन यत्नों का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह पशूधन चैंपियनशिप माझा क्षेत्र के किसानों को पशु पालन का पेशा शुरू करने के लिए उत्साहित करेगी। उन्होंने कहा राज्य सरकार की यह कोशिश है कि पशु पालक बढिय़ा नसल के पशु पालें जिससे वह अधिक दूध की पैदावार लेकर लाभ कमा सकें। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा पशु पालकों को बढिय़ा नसल का सैक्सड सीमन बहुत कम कीमतों पर मुहैया करवाया जा रहा है। स. बाजवा ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों और ख़ासकर नौजवानों को पशु पालन और डेयरी के पेशे का प्रशिक्षण दे रही है और साथ ही सब्सिडी पर कजऱ्े दे रही है जिससे अधिक से अधिक नौजवानों को इस सफल पेशे से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिन्दर सिंह स्वयं किसान हैं और वह राज्य की किसानी की हालत से बहुत अच्छी तरह वाकिफ़ हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों की भलाई के लिए वचनबद्ध है। स. बाजवा ने ऐलान किया कि अगले साल भी यह राष्ट्रीय पशूधन चैंपियनशिप बटाला में होगी।
इस मौके पर सहकारिता मंत्री स. सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने कहा कि सहकारिता विभाग किसानों की आर्थिकता की रीढ़ की हड्डी है और राज्य सरकार इस विभाग के ज़रिए किसानों का अधिक से अधिक भला करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार ने किसानों का कजऱ् माफ करके बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग द्वारा राज्य में सहकारी चीनी मिलों को अपग्रेड किया जा रहा है जिससे किसानों को गन्ने की फ़सल से अधिक से अधिक लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार की कोशिशों के स्वरूप सरकारी चीनी मिलें घाटे में से निकल सकीं हैं और बहुत जल्द चीनी मिलों से चीनी के अलावा अन्य ईथनौल तेल, बिजली आदि तैयार की जायेगी। स. रंधावा ने कहा कि पंजाब सरकार जवानी और किसानी को बचाने के लिए पूरी तरह दृढ़ है और सरकार द्वारा इस दिशा में काम किया जा रहा है।
इससे पहले पशु पालन विभाग के सचिव श्री राज कमल चौधरी ने आए हुए मेहमानों का स्वागत किया और चैंपियनशिप के दौरान हुए अलग-अलग मुकाबलों संबंधी विस्तार में बताया। डायरैक्टर पशु पालन विभाग डा. इन्दरजीत सिंह ने मेला रिपोर्ट पेश की। इस मौके पर पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रोग्राम भी पेश किया। घोडिय़ाँ और ऊँठों के नाच ने हर किसी को अपनी ओर आकर्षित किया।
इस मौके पर अन्यों के अलावा सचिव पशु पालन श्री राज कमल चौधरी, विशेष सचिव स. मनप्रीत सिंह छतवाल, डिप्टी कमिश्नर जनाब मुहम्मद इशफ़ाक, एम.डी. मार्कफैड स. कमलदीप सिंह संघा, डायरैक्टर पशु पालन डा. इन्दरजीत सिंह, डायरैक्टर डेयरी विकास डा. इन्दरजीत सिंह सरां, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर तजिन्दरपाल सिंह संधू, ए.डी.सी. विकास रणबीर सिंह मूधल, एस.डी.एम. बटाला स. बलविन्दर सिंह, एस.डी.एम. रमन कोछड, जि़ला योजना समिति के चेयरमैन डा. सतनाम सिंह निझ्झर, पूर्व राज्यसभा मैंबर स. भुपिन्दर सिंह मान, ओ.एस.डी. गुरदर्शन सिंह बाहिया, ज्वाइंट डायरैक्टर डा. सतबीर सिंह बाजवा, डिप्टी डायरैक्टर डा. शाम सिंह, डा. सरबजीत सिंह, डा. गुरदेव सिंह, डा. केवल अरोड़ा, डा. एच.एस. काहलों, डा. पवन मल्होत्रा के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

Click to comment

Most Popular

Copyright © 2018 www.dinkarnews.com. All Rights Reserved Designed by TEJ iNFO