पंजाब

194.15 किलो हेरोइन की बरामदगी के बाद मुख्यमंत्री का ऐलान

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नशों के खि़लाफ़ शुरु की गई मुहिम स्वरूप मौतों की संख्या में आई भारी गिरावट; 2018 में 114 और 2019 में 47 मौतें हुईं

चंडीगढ़ – पंजाब पुलिस द्वारा नशा-आतंकवाद के बड़े गिरोह का पर्दाफाश करने के बाद इसकी तारें भारत में नशों के सबसे बड़े सरगना के साथ जुडऩे और इस मामले में अकाली सरकार के समय पर नियुक्त किये एस.एस.बोर्ड के पूर्व मैंबर के भी संदिग्ध सम्मिलन के संदर्भ में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इस मामले में किसी को भी नहीं बक्शा जायेगा, चाहे वह किसी भी राजसी पार्टी के साथ सम्बन्ध रखता हो।मुख्यमंत्री ने साफ़ किया कि उनकी सरकार ने राज्य में नशों के कारोबार के साथ जुड़े किसी भी तस्कर, गैंगस्टर और आतंकवादी को बोलने नहीं दिया और न ही भविष्य में सिर उठाने देंगे जिसके परिणामस्वरूप पंजाब में नशों से होने वाली मौतों की संख्या में भी भारी गिरावट आई है। यह सरकार और पुलिस की कोशिशों स्वरूप ही संभव हुआ है। 2018 में 114 मौतें हुई थीं जबकि 2019 में यह संख्या 47 रह गई। यहाँ प्रैस कान्फ्ऱेंस के दौरान खुलासा करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार तब तक जंग जारी रखेगी जब तक यह समस्या जड़ से नहीं ख़त्म होती।बीती रात हुई गिरफ़्तारियों और बरामदगी के विवरण जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृतसर सरहदी क्षेत्र के सुलतानविंड गाँव के घर में से पुलिस ने 195 किलो के करीब हेरोइन केमिकल सहित बरामद की है। यह घर कथित तौर पर अनवर मसीह से सम्बन्धित है जो पिछली अकाली-भाजपा सरकार द्वारा अधीन सेवाएं चयन बोर्ड (एस.एस.एस.बोर्ड) का मैंबर नियुक्त किया गया था।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि मसीह की सम्मिलन बारे जांच प्रगति अधीन है जो यह दावा कर रहा है कि उसने यह घर उस व्यक्ति को किराये पर दिया था जिसको एस.टी.एफ. बॉर्डर रेंज ने बीती रात गिरफ़्तार किया है। उन्होंने आगे कहा कि हालाँकि मसीह अपने दावे को पुख्ता करने के लिए कोई भी किराए के सबूत का दस्तावेज़ पेश नहीं कर सका और न ही उस इलाके के लोगों को इस बात का इल्म है कि कोई किरयेदार यहाँ रहता था। प्राथमिक जांच के दौरान पुष्टि हुई है कि मुलजिम पिछले एक महीने से इस घर को इस्तेमाल कर रहा था।इस बरामदगी और गिरफ़्तारियों के लिए पुलिस को बधाई देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ है कि नशों का कारोबार भारत में नशों के सबसे बड़े सरगना सिमरनजीत सिंह संधू से सम्बन्ध रखता है जिसको हाल ही में इटली से गिरफ़्तार किया गया है। उनकी सरकार संधू का रिमांड भी मंगेगी जिसके पास आस्ट्रेलियन का पासपोर्ट है और जिसको इटली से गुजरात अधिकारियों द्वारा इंटरपोल पुलिस के पास नजऱबंद किया गया। पकड़ी गई खेप बारे बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह 300 किलो नशा पिछले साल गुजरात के मांडवी में पहुँचा था जहाँ से तस्करी करके 200 किलो पंजाब लाया गया। खेप का खुलासा संधू से लगा था जबकि इस मामले में शामिल अन्य बड़ी मछलियों को पकडऩे के लिए कोशिशें की जा रही हैं।बीती रात हुई बरामदगियों और गिरफ़्तारियों के अन्य विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक अफगानी नागरिक अरमान बाशरमल समेत छह व्यक्तियों को पकड़ा गया है जिनके पास से 194.15 किलो हेरोइन और कई किलो केमिकल बरामद किया गया है। अरमान जो एक हफ़्ता पहले पंजाब आया था, के पास से हेरोइन को सुधारने और इसको दूसरे उत्पादों में मिलाने वाले उपकरण भी ज़ब्त किये गए हैं।
मुख्यमंत्री ने एक सवाल के जवाब में बताया कि संधू की पूछ-पड़ताल और इस केस की अगली जांच में ही खुलासा होगा कि यह हेरोइन पंजाब के लिए आई थी या यहाँ से अन्य राज्यों में बाँटने के लिए आई थी।
नशों की समस्या से निपटने में उनकी सरकार कितनी सफल रही है, के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पैशल टास्क फोर्स (एस.टी.एफ.) की कोशिशों स्वरूप नशों के कारोबार को बड़ी रोक लगी है। उन्होंने आंकडा़े द्वारा बताते हुए कहा कि मार्च 2017 से जनवरी 2020 (मौजूदा मामले से पहले तक) एन.डी.पी.एस. एक्ट के अंतर्गत 35,500 केस दर्ज हुए। इस समय के दौरान 44,500 तस्करों /गिरोहों को गिरफ़्तार किया गया जबकि 11000 मौजूदा समय में जेलों में बंद हैं। उन्होंने कहा कि इस समय के दौरान 1100 किलो हेरोइन पकड़ी गई। इसके अलावा बीते दिन पकड़ी गई 194.15 किलो हेरोइन अलग है।उन्होंने कहा कि प्रोत्साहन प्रोग्राम के हिस्से के तौर पर जो कोई पंचायतें 100 प्रतिशत नशा मुक्त गाँव होने की रिपोर्ट पेश करेंगी, उनको विशेष अनुदान दिया जायेगा। जहाँ तक पुनर्वास का सम्बन्ध है, बड्डी और डैपो प्रोग्राम सफलता से चल रहे हैं। अब तक 3.5 लाख नशा पीडि़त पुनर्वास, ओट क्लीनकों और नशा छुड़ाओ केन्द्रों में जा चुके हैं।पंजाब में हाल के समय के दौरान हथियारों और नशों की तस्करी के लिए ड्रोनों के प्रयोग को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य के लिए गंभीर मसला है और उनकी सरकार ने केंद्र से इस समस्या से निपटने के लिए ड्रोन रोकथाम उपकरण माँगे हैं। उन्होंने कहा कि बदकिस्मती से पंजाब दिल्ली से पिछले कुछ सालों के दौरान नशों के लाभ के बाज़ार के तौर पर उभरा है जहाँ अन्य राज्यों से आए तस्करों और पाकिस्तान से भेजे जाने वाले नशा आतंकवादियों द्वारा नशे को उत्साहित किया जाता है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार अन्य उत्तरी राज्यों से इक_े मिलकर काम कर रही है और समस्या के ख़ात्मे के लिए हर तरह की जानकारी साझी कर रही है। इन राज्यों के डी.जी.पीज़ द्वारा हर महीने मीटिंग की जाती है जिससे नशा तस्करों पर रोक लगाने में अहम प्रगति हुई। उन्होंने कहा कि इन राज्यों के मुख्यमंत्री भी हर छह महीने बाद मीटिंग के लिए सहमत हुए हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा विश्व व्यापक समस्या है और यह एक सख्त लड़ाई है जिसको उनकी सरकार पूरी कोशिशों से लड़ रही है। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार द्वारा कैनेडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को नशा डीलरों की सूची सौंपी गई थी जिसके उपरांत कुछ सकारात्मक बदलाव आए थे और कैनेडियन अधिकारियों द्वारा तस्करों के खि़लाफ़ कार्यवाही की गई थी।एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास और रोजग़ार सृजन के द्वारा नौजवानों को नशों से दूर रखने के हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है जिसने विकसित देशों समेत सारी दुनिया को प्रभावित किया है। एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं देखेंगे कि स्कूलों के सलेबस में शामिल किये गए नशा रोकथाम अभियान में संशोधन करने और अन्य चैप्टर शामिल करने की ज़रूरत है।

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