पंजाब

विजीलैंस द्वारा रिश्वत के तीन अलग-अलग मामलों में नगर निगम का कर्मचारी, एक पटवारी और एक मध्यस्थ रिश्वत लेता काबू

Posted on

चंडीगढ – पंजाब विजीलैंस ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध जारी मुहिम के दौरान आज रिश्वत के तीन अलग-अलग मामलों में नगर निगम का कर्मचारी, एक पटवारी और एक ए.एस.आई. के मध्यस्थ को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया गया।इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि नगर निगम बठिंडा में तैनात क्लर्क अशोक कुमार को शिकायतकर्ता सुखदेव सिंह, निवासी बठिंडा की शिकायत पर विजीलैंस ब्यूरो द्वारा 8000 हज़ार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो को अपनी शिकायत में बताया कि उक्त दोषी क्लर्क द्वारा उसके द्वारा खरीदे गए घर के लिए सिवरेज कनैक्शन की एन.ओ.सी जारी करने के बदले 10,000 रुपए की माँग की गई थी परन्तु सौदा 8000 रुपए देना तय हुआ है। विजीलैंस द्वारा दोषों की पड़ताल के उपरांत उक्त दोषी को दो सरकारी गवाहों की हाजि़री में 8 हज़ार रुपए की रकम रिश्वत के तौर पर लेते हुए मौके पर ही काबू कर लिया गया।एक अन्य रिश्वत केस में आज राजस्व हलका धून्दा, जि़ला तरन तारन में तैनात पटवारी मनमोहन सिंह को 2500 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया।इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त पटवारी को शिकायतकर्ता दिलबाग सिंह निवासी गाँव धून्दा, जि़ला तरन तारन की शिकायत पर 2500 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ़्तार किया है। शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो को अपनी शिकायत में दोष लगाया कि उक्त पटवारी द्वारा ज़मीन का इंतकाल दर्ज करने के बदले 2500 रुपए की माँग की गई है।विजीलैंस द्वारा शिकायत की पड़ताल के उपरांत उक्त दोषी पटवारी को दो सरकारी गवाहों की हाजि़री में 2500 रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।एक अन्य रिश्वत केस में विजीलैंस द्वारा थाना निहाल सिंह वाला में तैनात ए.एस.आई. करनैल सिंह के मध्यस्थ लखवीर सिंह को 15,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ़्तार किया है। इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि मध्यस्थ लखवीर सिंह को मोगा निवासी किशन सिंह की शिकायत पर काबू किया गया। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में दोष लगाया कि ए.एस.आई. करनैल सिंह के मध्यस्थ लखवीर सिंह द्वारा एक झगड़े सम्बन्धी पुलिस शिकायत में समझौता करवाने के बदले 40,000 रुपए की माँग की गई और सौदा 20,000 में तय हुआ है।विजीलैंस द्वारा शिकायत की पड़ताल के उपरांत उक्त दोषी मध्यस्थ को दो सरकारी गवाहों की हाजि़री में 15,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया और इस केस में शामिल ए.एस.आई के विरुद्ध भी केस दर्ज किया गया है।प्रवक्ता ने बताया कि इस सम्बन्धी उक्त दोषियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत विजीलैंस ब्यूरो के थानों बठिंडा, अमृतसर और फिरोज़पुर में मुकदमे दर्ज करके अगली कार्यवाही आरंभ कर दी गई है।

Click to comment

Most Popular

Copyright © 2018 www.dinkarnews.com. All Rights Reserved Designed by TEJ iNFO