जीवन शैली

पंजाब में करोना वायरस का कोई मामला नहीं: बलबीर सिंह सिद्धू

Posted on

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री द्वारा वायरस के खि़लाफ़ तैयारियों की समीक्षा
चंडीगढ़ – पंजाब में करोना वायरस का अभी तक कोई भी मामला सामने नहीं आया है। हालाँकि चीन से आने वाले 16 मुसाफिऱों की पहचान की गई है। केवल एक व्यक्ति में इस बीमारी के लक्षण सामने आए हैं और वह पीजीआई, चंडीगढ़ में उपचाराधीन है। चंडीगढ़ का एक मरीज़ मोहाली में फोरटिस हस्पताल में दाखि़ल है जबकि बाकी 15 व्यक्तियों में इस बीमारी के कोई लक्षण नहीं पाए गए परन्तु स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इन सभी के स्वास्थ्य पर लगातार नजऱ रखी जा रही है।करोना वायरस बारे अलर्ट के बाद राज्य के सभी जिलों और सरकारी मैडीकल कालेजों में इस वायरस के खि़लाफ़ तैयारियों की पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने मंगलवार को यहाँ हैडक्वार्टर पर समीक्षा की। उन्होंने बताया कि यदि कोई संदिग्ध केस सामने आता है तो सभी जिलों में अलग वार्ड बनाने की हिदायत की गई है और सभी मैडीकल कालेजों को वैंटीलेटरों वाले वार्ड कायम करने के अलावा संदिग्ध मामलों की जांच और नमूने लेने के लिए सभी ज़रुरी प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं।स. बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि अब तक चीन मुख्य रूप में इस वायरस से प्रभावित देश है और कुछ अन्य देशों में भी करोना वायरस के मामले सामने आए हैं। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब द्वारा अमृतसर के राजासांसी हवाई अड्डे पर आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग शुरू की गई है जिससे चीन और इस वायरस से प्रभावित अन्य देशों से आने वाले मुसाफिऱों की जांच की जा सके। उन्होंने आगे कहा कि डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीमें दिन -रात ड्यूटी पर तैनात की गई हैं और एमरजैंसी के लिए एक एंबुलेंस भी तैनात करवाई गई है।उन्होंने कहा, ‘‘हलांकि चीन और अन्य प्रभावित देशों से मोहाली हवाई अड्डे के लिए सीधी उड़ान नहीं है फिर भी पंजाब सरकार की तरफ से मोहाली हवाई अड्डे पर एक हैल्थ चैक पुआइंट स्थापित किया गया है। सम्बन्धित टीम की तरफ से शारजा से आने वाले व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई और कोई भी संदिग्ध मामला सामने नहीं आया।’’स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लोगों के लिए यह समझना ज़रूरी है कि कोई व्यक्ति जिसने चीन की यात्रा की हो और 1 जनवरी, 2020 तक भारत आया, उस व्यक्ति के लिए नज़दीकी सरकारी हस्पताल में रिपोर्ट करना या हेल्पलाइन नंबर 104 पर संपर्क करना अति ज़रूरी है ताकि स्वास्थ्य विभाग इस बीमारी सम्बन्धी जांच कर सके और इसके इलाज के लिए उचित कदम उठाए जा सके। उन्होंने आगे कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने चीन की यात्रा की है परन्तु उसे बुख़ार और साँस लेने में दिक्कत सम्बन्धी कोई तकलीफ़ नहीं है तो भी उसे घर में अलग रहने और हस्पताल में रिपोर्ट करने की सलाह दी जाती है। यदि चीन या किसी अन्य प्रभावित देश से आए किसी व्यक्ति को बुख़ार, खाँसी और साँस चढऩा या साँस लेने में मुश्किल आने जैसे लक्षण नजऱ आते हैं तो उसे तुरंत इलाज के लिए नज़दीकी जि़ला हस्पताल में ज़रूर जाना चाहिए।जिन व्यक्तियों में इस वायरस के लक्षण पाए गए हैं उनको छींकते या खाँसते समय अपना मुँह और नाक मास्क और टिशू से ढककर रखना चाहिए।उन्होंने कहा कि जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते तब तक चीन की अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्धी जागरूकता फैलाने और चीन की यात्रा करने वाले व्यक्तियों और जिनमें इस वायरस के लक्षण पाए गए हैं, की स्व-घोषणा के लिए अटारी सरहद और गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक में मैडीकल चैक पोस्ट बनाए गए हैं।स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस बीमारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की तरफ से उचित प्रबंध किये गए हैं जिसमें अलग वार्ड तैयार करना, संदिग्ध मरीज़ के नमूने लेना और एयरपोर्ट अथोरिटी के सहयोग से यह नमूने एन.आई.वी. पुणे (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विरोलोजी) को आगे भेजना शामिल है। प्रांतीय और जि़ला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने के अलावा प्रांतीय और जि़ला स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीमें तैनात की गई हैं।करोना वायरस सम्बन्धी जानकारी के लिए 104 हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे चालू है। करोना वायरस सम्बन्धी किसी भी तरह की जानकारी के लिए कोई भी व्यक्ति इस नंबर पर संपर्क कर सकता है।

Click to comment

Most Popular

Copyright © 2018 www.dinkarnews.com. All Rights Reserved Designed by TEJ iNFO