भारत
गणतंत्र दिवस की परेड में हिस्सा लेने वाले सैनिकों, कैडेट्स और कलाकारों से मिले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेने जा रहे युवाओं से कहा, ‘‘ भारत की श्रेष्ठता की एक और शक्ति इसकी भौगोलिक और सामाजिक विविधता में ही है। मोदी ने कहा कि जब हम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की बात करते हैं, तो हमें यह भी याद रखना है कि भारत असल में है क्या। उन्होंने कहा कि भारत जीवंत परंपरा, विचार, संस्कार का विस्तार है और न्यू इंडिया में इन्हीं आकांक्षाओं, सपनों को पूरा करना है।मौका है 71वें गणतंत्र दिवस का..संदेश.. एक भारत श्रेष्ठ भारत ..इसी मूल मंत्र के साथ पीएम मोदी ने गणतंत्र दिवस की परेड में हिस्सा लेने वाले सैनिकों, कैडेट्स और कलाकारों को संबोधित कर उनका उत्साह बढ़ाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र ने कहा कि भारत सिर्फ सरहदों के भीतर 130 करोड़ लोगों का घर नहीं बल्कि ये एक राष्ट्र के साथ-साथ एक जीवंत परंपरा है, एक विचार है, एक संस्कार है, एक विस्तार है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा ये देश एक प्रकार से फूलों की माला है, जहां रंग-बिरंगे फूल भारतीयता के धागे से पिरोए हुए हैं।प्रधानमंत्री ने युवाओं से राष्ट्र के प्रति अधिकारों से ज्यादा कर्तव्यों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश जिस न्यू इंडिया की तरफ आगे बढ़ रहा है, उसमें सभी की आकाक्षाओं और सपनों को पूरा करना सुनिश्चित करना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि राजपथ पर होने वाले कार्यक्रम से पूरी दुनिया भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ की शक्ति से रूबरू होती है साथ ही इससे पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलता है। पीएम मोदी ने गणतंत्र दिवस की झाकियों में हिस्सा लेने वालों कलाकारों, एनसीसी कैडेटों, एनएसएस स्वयंसेवकों को एक प्रकार से मिनी इंडिया, न्यू इंडिया को शो-केस करने वाला बताया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने विभिन्न आपदाओं के समय एनसीसी द्वारा दिए गए योगदान की जमकर प्रशंसा की। प्रधानमंत्री जो खुद भी एनसीसी के कैडेट रह चुके हैं, ने एनसीसी के गुमनाम योद्धाओं को देश के लिे प्रेरणा का स्रोत बताया।