हिमाचल प्रदेश

प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश की केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा की

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली में भाजपा शासित राज्य सरकारों के मुख्यमंत्रियों की परिषद की बैठक की अध्यक्षता कीं। इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों द्वारा कार्यान्वित की जा रहीं विभिन्न केन्द्रीय योजनाओं की समीक्षा की। इनमें आयुष्मान भारत, पीएम-किसान, व्यापार में सुगमता, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, पर्यटन, प्रशासनिक सुधार, नागरिक सेवाएं, जी.एस.टी. एकत्रीकरण, निर्यात को प्रोत्साहन और श्रम सुधार आदि योजनाएं शामिल थीं।बैठक में भाग लेते हुए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रधानमंत्री को अवगत करवाया कि राज्य में आयोजित किए गए वैश्विक निवेशक सम्मेलन में 96,721 करोड़ रुपये निवेश के 703 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। प्रदेश सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूरा होने पर ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह आयोजित किया गया, जिसमें 14 हजार करोड़ रुपये के निवेश वाले 240 एम.ओ.यू. को धरातल पर लाया गया। हिम प्रगति पोर्टल के माध्यम से निवेशकों की सभी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि और गैर-कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए सरकार ने विशेष प्रयास किए हैं और इसकी निगरानी के लिए एक अंतरविभागीय समिति का गठन भी किया गया है।जय राम ठाकुर ने कहा कि चम्बा जिला देश के 117 आकांक्षी जिलों में एक है और सरकार इसके विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी चम्बा जिला में विकास कार्यों के निष्पादन का अनुश्रवण कर रही है। नीति आयोग ने अपनी रैंकिंग में चम्बा जिला को स्वास्थ्य क्षेत्र और पोषण में दूसरा स्थान प्रदान किया है और इस क्षेत्र को प्रोत्साहन के लिए केन्द्र सरकार ने भी तीन करोड़ रुपये प्रदान किए हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम-किसान के अंतर्गत कुल चिन्हित 8,70,286 लाभार्थियों में से पहले चरण में 8.11 लाख किसानों को सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि 500 उप-स्वास्थ्य केन्द्रों स्वास्थ्य एवं आरोग्य केन्द्र बनाने की प्रक्रिया जारी है और इसी महीने ये कार्यशील बन जाएंगी। 586 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में से 525 स्वास्थ्य केन्द्रों को स्वास्थ्य एवं आरोग्य केन्द्रों बनाने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। ऐसे 12 केन्द्रों में टैलीमेडिसन की सुविधा उपलब्ध है जबकि अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों में इस सुविधा को प्रदान करने के प्रयास जारी है।उन्होंने कहा कि जन मंच के माध्यम से लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में सहायता मिल रही है। अभी तक इन कार्यक्रमों में 6,73,961 डिजीटल राशन कार्ड बनाए गए हैं और बेटी है अनमोल योजना के अंतर्गत 7868 पात्र कन्याओं को लाभान्वित किया गया है। उन्होंने कहा कि 2,08,179 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दिए गए हैं जबकि 72,397 महिलाओं को गृहिणी सुविधा योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया गया है। मुख्यमंत्री सेवा संकल्प योजना के अंतर्गत 31 दिसम्बर, 2019 तक जन समस्याओं से जुड़ी 1,77,231 कालें प्राप्त हुईं जिनमें से 83 प्रतिशत का समाधान कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को सुशासन के सूचकांक में भारत सरकार ने पहला पुरस्कार प्रदान किया है।जय राम ठाकुर ने का कि वित्त वर्ष 2019-20 में पिछले वर्ष की तुलना में जीएसटी संग्रहण 24 प्रतिशत बढ़ा है।जयराम ठाकुर ने कहा कि आबकारी एवं कराधान विभाग ने दिसंबर, 2019 तक 17.3 प्रतिशत वृद्धि दर के साथ 3653.68 करोड़ रुपये का कर एकत्रित किया जबकि 31 दिसबर, 2018 तक यह 3115 करोड़ रुपये था। हालांकि वैट के कारण राजस्व कम है क्योंकि अक्तूबर 2018 से अक्तूबर 2019 तक पेट्रोल और डीजल पर कर की दरें घटाई गईं। उन्होंने कहा कि पहली नवम्बर, 2019 से पेट्रोल और डीजल पर वैट बढ़ाया गया जिसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार को काफी राजस्व अर्जित करने में सफलता मिलेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर जल क्रीड़ाओं को प्रोत्साहन देने और रज्जू मार्ग निर्मित करने के उद्देश्य 100 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ महत्त्वाकांक्षी नई राहें, नई मंजिलें योजना आरम्भ की गई है। प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा निर्मित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत अभी तक 28 लाख लाभार्थियों का डाटा डिजीटल कर दिया गया है।उन्होंने प्रधानमंत्री को आश्वस्त किया कि राज्य में सभी कंेद्र प्रायोजित योजनाओं को मजबूती से कार्यान्वित किया जाएगा ताकि इस पहाड़ी राज्य के लोगां का सामाजिक एवं आर्थिक कल्याण निश्चित हो सके।

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