पंजाब

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अकालियों द्वारा दिल्ली चुनाव के फ़ैसले को सी.ए.ए. के साथ जोडऩे के दावे को हास्यप्रद बताते हुए रद्द किया

Posted on

अकालियों को ईमानदारी दिखाने के लिए केंद्र के साथ नाता तोडऩे और स्पष्ट स्टैंड लेने की चुनौती
चंडीगढ़ – मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज शिरोमणि अकाली दल द्वारा नागरिकता संशोधन कानून (सी.ए.ए.) के मुद्दे पर भाजपा के साथ मतभेदों के कारण दिल्ली विधानसभा चुनाव न लडऩे संबंधी किये दावे को हास्यप्रद करार दिया है। इसके साथ ही उन्होंने अकालियों को इस असंवैधानिक कानून के सम्बन्ध में अपनी ईमानदारी सिद्ध करने के लिए केंद्र के साथ गठजोड़ तोडऩे की चुनौती दी है क्योंकि संसद के दोनों सदनों में इस बिल को पास करने के समय अकाली भी समर्थन पक्ष के साथ थे।मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आप सीधा और स्पष्ट फ़ैसला क्यों नहीं लेते और लोगों को यह क्यों नही बताते कि आप विभाजनकारी और विनाशकारी कानून सी.ए.ए. के खि़लाफ़ सचमुच खड़े हो।’’ उन्होंने केंद्रीय मंत्रीमंडल में शामिल अकाली मंत्रियों को विवादित कानून पर लिए स्टैंड के हक में उतरने के लिए तुरंत इस्तीफ़ा देने के लिए कहा क्योंकि इस कानून के खि़लाफ़ समाज के समूह वर्गों में राष्ट्रीय स्तर पर रोष पाया जा रहा है।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अकालियों को पूछा, ‘‘यदि आपको सी.ए.ए. मुस्लिम विरोधी लगता था तो फिर आपने राज्यसभा और लोकसभा में इस कानून के हक में मेज़ क्यों थपथपाई?’’ उन्होंने कहा कि संसद में अकालियों द्वारा इस कानून की खुलकर की गई हिमायत रिकॉर्ड का हिस्सा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के बाद दिल्ली दूसरा राज्य है जहाँ अकाली दल ने अपने हिस्सेदार भारतीय जनता पार्टी के साथ न चलने का फ़ैसला लिया है परन्तु अकालियों द्वारा दिल्ली चुनाव सी.ए.ए. पर मतभेद होने के कारण न लडऩे का किया दावा बेहूदा और अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि दिल्ली चुनाव में से बाहर निकलना स्पष्ट तौर पर अकाली दल की मजबूरी थी क्योंकि इनको इस बात का भलीभांति एहसास है कि ज़मीनी स्तर पर उसे कोई समर्थन नहीं है और राष्ट्रीय राजधानी में यह एक भी सीट नहीं जीत सकते। ऐसा भी लगता है कि भाजपा अकाली दल को वह कुछ देने के लिए तैयार नहीं थी जो सीटों के रूप में अकाली चाहते थे जिस कारण उन्होंने स्थिति में से बाहर निकलने का बेहतर ढंग ढूँढा।नागरिकता संशोधन कानून के मुद्दे पर अंतर-विरोधी बयानबाज़ी करने पर शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल पर चुटकी लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय महत्ता वाले इस मुख्य मुद्दे पर अकालियों का सैद्धांतिक स्टैंड नहीं है। मनजिन्दर सिंह सिरसा का यह दावा हास्यप्रद है कि पार्टी दबाव अधीन थी कि सी.ए.ए. पर स्टैंड पर दोबारा गौर किया जाये।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इसमें कोई हैरानी नहीं है कि शिरोमणि अकाली दल की हालत बहुत नाज़ुक है और पंजाब में भी वह ज़मीनी आधार खो चुके हैं जहाँ उसका मज़बूत आधार समझा जाता था। उन्होंने कहा कि अकाली दल अंदरूनी लड़ाई का सामना कर रहा है और पार्टी टूटने की कगार पर खड़ी है।मुख्यमंत्री ने अकालियों को कहा कि संवेदनशील और नाज़ुक मसले पर झूठे दावे और विपरीत स्टैंड लेकर लोगों को मूर्ख बनाने की कोशिश न करें क्योंकि इस मसले पर देश का भविष्य टिका हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘आप लोगों से आशा नहीं कर सकते कि वह यह विश्वास करें कि आप गंभीर हो, वह भी उस समय जब आप संसद में भाजपा और केंद्र में सरकार के साथ खड़े हो।’’

Click to comment

Most Popular

Copyright © 2018 www.dinkarnews.com. All Rights Reserved Designed by TEJ iNFO