भारत

झारखंड में जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनने का रास्ता साफ

Posted on

झारखंड विधानसभा चुनाव का परिणाम आ गया है जहां जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। बीजेपी और उसकी सहयोगी आजसू पार्टी सीट बंटवारे के मुद्दे पर अपने मतभेदों को दूर नहीं कर पाए जिसकी वजह से बीजेपी ने 2000 में झारखंड के गठन के बाद से पहली बार विधानसभा चुनाव अपने बूते पर लड़ा था।झारखंड में जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। गठबंधन ने विधनसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए करीब दो महीने से जारी चुनावी प्रक्रिया नतीजों के साथ ही संपन्न हो गयी है । पांच चरणों में संपन्न हुए चुनाव के बाद सोमवार सुबह आठ बजे राज्य के तमाम जिला मुख्यालयों पर मतगणना का काम शुरु होने के कुछ ही देर में रुझान आने शुरु हो गए ।शुरुआती नतीजों से ही साफ हो गया कि मुकाबला बेहद कांटे का है। कभी जेएमएम कांग्रेस गठबंधन को तो कभी बीजेपी को बढत मिल रही थी । लेकिन शाम होते होते ये साफ हो गया कि झारखंड जेएमएम और कांग्रेस के गठबंधन बहुमत के जादुई आंकडे को छू रहा है। दोपहर बाद जेएमएम की ओर से हेमंत सोरेन मीडिया के सामने आए और जनता का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि गठबंधन के सहयोगियों के साथ बैठक में नयी सरकार पर चर्चा होगी ।वहीं कांग्रेस नतीजों से संतुष्ट है और पार्टी ने जल्द ही राज्य में महागठबंधन सरकार बनने की उम्मीद जतायी है। बीजेपी की ओर से खुद मुख्यमंत्री रघुवर दास जमशेदपुर (पूर्वी) सीट पर भाजपा के बागी उम्मीदवार और पूर्व मंत्री सरयू राय से पीछे रहे। राय निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे। रघुवर दास ने 1995 से पांच बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया है।बीजेपी की ओर से राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास से हार स्वीकार करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी तरफ से जनता की सेवा की पूरी कोशिश की। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने नतीजों को स्वीकार करते हुए ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा “हम झारखंड की जनता द्वारा दिये गये जनादेश का सम्मान करते हैं भाजपा को 5 वर्षों तक प्रदेश की सेवा करने का जो मौका दिया था उसके लिए हम जनता का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।भाजपा निरंतर प्रदेश के विकास के लिए कटिबद्ध रहेगी सभी कार्यकर्ताओं का उनके अथक परिश्रम के लिए अभिनंदन” बीजेपी ने 2000 में झारखंड के गठन होने के बाद से पहली बार विधानसभा चुनाव अपने बूते लड़ा था। बीजेपी और उसकी सहयोगी आजसू पार्टी सीट बंटवारे के मुद्दे पर अपने मतभेदों को दूर नहीं कर पाई और इस बार उनका गठबंधन नहीं हो सका जिसके बाद दोनों ने अलग अलग चुनाव लडा ।

Click to comment

Most Popular

Copyright © 2018 www.dinkarnews.com. All Rights Reserved Designed by TEJ iNFO