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तंदुरुस्त पंजाब मिशन के अंतर्गत 100 प्रतिशत संस्थागत प्रसूतियों का लक्ष्य – पन्नू

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10 जि़ले संस्थागत प्रसूतियों की कतार में पिछड़े पाए गए

चंडीगढ़ – प्रशिक्षण प्राप्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वालों की देखरेख और निगरानी अधीन संस्थागत प्रसूतियों के साथ माँ और नवजात शिशु की मृत्यु का जोखिम घटता है। इसलिए तंदुरुस्त पंजाब मिशन के अंतर्गत 100 प्रतिशत संस्थागत प्रसूतियों का लक्ष्य निश्चित किया गया है। यह जानकारी तंदुरुस्त पंजाब मिशन के डायरैक्टर स. काहन सिंह पन्नू ने दी।उन्होंने बताया कि राज्य में मौजूदा वित्तीय वर्ष के दौरान संस्थागत प्रसूतियों में 98.28 प्रतिशत रिकॉर्ड सुधार हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि अक्तूबर 2019 तक पंजाब में जन्मे कुल 207848 बच्चों में से 3496 बच्चों की प्रसूतियां घर में हुई जो कि कुल प्रसूतियों का 1.7 प्रतिशत है।पन्नू ने कहा कि यह प्रतिशतता पिछले साल इसी समय के दौरान 2.6 प्रतिशत घरेलू प्रसूतियों की अपेक्षा कहीं बेहतर है। परन्तु हमारा उद्देश्य इसमें आगे और सुधार लाना है और तंदुरुस्त पंजाब मिशन के अंतर्गत इसको यकीनी बनाने के लिए ठोस यत्न किये जाएंगे।मिशन डायरैक्टर ने बताया कि घरेलू प्रसूतियों के सबसे अधिक 4.7 प्रतिशत मामले फिऱोज़पुर में दर्ज किये गए हैं और इसके बाद फाजि़ल्का में 4.1 प्रतिशत, लुधियाना और बठिंडा में 3.3 प्रतिशत, तरन तारन में 3.2 प्रतिशत, फतेहगढ़ साहिब में 2.8 प्रतिशत, एस.ए.एस. नगर में 2.7 प्रतिशत, फरीदकोट में 2.5 प्रतिशत, मोगा में 1.6 प्रतिशत और अमृतसर में 1.5 प्रतिशत मामले दर्ज किये गए हैं।उन्होंने बताया कि हरेक जि़ले से राज्य में 100 प्रतिशत संस्थागत प्रसूतियां होने को यकीनी बनाने की उम्मीद करते हुए संस्थागत प्रसूतियों की कतार में पिछड़े 10 जिलों के डिप्टी कमीश्नरों को सम्बन्धित सिविल सर्जनों, जि़ला परिवार कल्याण अधिकारियों, ए.एन.एमज़/जी.एन.एमज़, सीनियर मैडीकल अधिकारियों, आंगनवाड़ी वर्करों /हैल्परों और आशा वर्करों के साथ मीटिंग करके इस मुद्दे संबंधी जागरूकता की कमी पर ध्यान केंद्रित करने और अपने सम्बन्धित जिलों में 100 प्रतिशत प्रसूतियां स्वास्थ्य संस्थाओं में होने को यकीनी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

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