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पूरे देश में लागू होगी एनआरसी प्रक्रिया: केंद्रीय गृहमंत्री
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा पूरे देश में लागू होगी एनआरसी प्रक्रिया, राज्यसभा में दिए जवाब में धर्म के आधार पर एनआरसी में भेदभाव की आशंका को किया खारिज, कहा किसी भी धर्म विशेष के लोगों को डरने की जरूरत नहीं, एनआरसी और नागरिकता संशोधन विधेयक को बताया अलग.संसद सत्र के तीसरे दिन बुधवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने कश्मीर के सुरक्षा हालात समेत एनआरसी के मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए सरकार का पक्ष रखा। धर्म के आधार पर एनआरसी में भेदभाव किए जाने की आशंका को खारिज करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि एनआरसी के आधार पर नागरिकता की पहचान सुनिश्चित की जाएगी और सरकार इसे पूरे देश में लागू करेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म विशेष के लोगों को इसके कारण डरने की जरूरत नहीं है। यह एक प्रक्रिया है जिससे देश के सभी नागरिक एनआरसी लिस्ट में शामिल हो सकें। गृहमंत्री ने कहा कि एनआरसी अलग प्रक्रिया है और नागरिकता संशोधन विधेयक अलग प्रक्रिया है। इसे एक साथ नहीं रखा जा सकता। एनआरसी से जुड़े एक अन्य सवाल के जवाब में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जिनका नाम एनआरसी सूची में नहीं है वे ट्रिब्यूनल के पास जा सकते हैं. ट्रिब्यूनल तहसील स्तर पर बनाए जाएंगे. जिनके पास याचिका डालने के लिए पैसा नहीं है उन्हें असम सरकार आर्थिक मदद देगी। वहीं कश्मीर की सुरक्षा स्थिति को लेकर भी गृहमंत्री ने विस्तार से बात रखी। प्रश्नकाल के दौरान पूछे गए पूरक प्रश्नों के जवाब में अमित शाह कहा कि कि जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा हटाए जाने के बाद पुलिस की गोली से एक भी व्यक्ति की जान नहीं गई है और स्थिति पूरी तरह से सामान्य है। गृहमंत्री ने कहा कि सभी समाचार पत्रों का प्रकाशन हो रहा है और टीवी चैनल काम कर रहे हैं तथा अखबारों के वितरण में कोई कमी नहीं आई है। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन द्वारा उपयुक्त स्थिति पाए जाने के बाद वहां जल्द ही इंटरनेट सेवा बहाल कर दी जाएगी. अमित शाह ने कहा कि कश्मीर में पत्थरबाजी में भी बहुत कमी आई है। सभी 20000 हजार से ज्यादा स्कूल खुले है। 10वीं और 12वीं के परीक्षा में 97 प्रतिशत से भी ज़्यादा उपस्थिति दर्ज कराई जा रही है।