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भ्रष्टाचार के मामले में घिरे पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ीं
भ्रष्टाचार के मामले में घिरे पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ गई हैं. आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई ने चिदंबरम और बेटे के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया है. वहीं मनी लॉड्रिंग के मामले में एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ई़डी के कार्यालय पहुंचे.सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ दिल्ली की एक अदालत में शुक्रवार को एक आरोप-पत्र दायर किया. इसमें पीटर मुखर्जी, इंद्राणी मुखर्जी के अलावा लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय में पूर्व सचिव अनूप के पुजारी, प्रबोध सक्सेना और रवींद्र प्रसाद समेत कुल 14 को आरोपी बनाया गया है. इस मामले पर अब अदालत में 21 अक्टूबर को सुनवाई होगी.चिदंबरम को 21 अगस्त को जोर बाग स्थित उनके निवास से सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया था. सीबीआई ने 15 मई 2017 को एक प्राथमिकी दर्ज कर आईएनएक्स मीडिया समूह को 2007 में 305 करोड़ रुपये की विदेशी धन प्राप्त करने के लिए दी गई विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितता का आरोप लगाया था. उस वक्त चिदंबरम वित्त मंत्री थे.उधर पूर्व केंद्रीय मंत्री और एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल, दाउद इब्राहीम के सहायक इकबाल मिर्ची की कथित अवैध संपत्तियों से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में ईडी के कार्यालय पहुंचे. पटेल द्वारा प्रवर्तित एक रियल इस्टेट कंपनी और इकबाल मिर्ची की पत्नी के बीच हुए एक सौदे को ले कर जांच चल रही है.ईडी के अधिकारियों के अनुसार, प्रफुल्ल पटेल की ‘‘मिलेनियम डेवलपर्स प्रा लि’’ ने 2006-07 में सीजे हाउस नामक एक इमारत का निर्माण किया था. इस इमारत की तीसरी और चौथी मंजिल मिर्ची की पत्नी हाजरा इकबाल के नाम स्थानांतरित कर दी गई. जिस जमीन पर इमारत बनाई गई, बताया जाता है कि वह जमीन मिर्ची की है.गौरतलब है कि विमानन घोटाले से जुड़े धन शोधन के एक अन्य मामले में ईडी पटेल से पहले ही पूछताछ कर चुका है.