पंजाब
पंजाब सरकार द्वारा पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए 8000 गांवों में नोडल अधिकारी नियुक्त करने का फैसला
चंडीगढ़ – राज्य में धान की पराली जलाने की समस्या के साथ निपटने के लिए पंजाब सरकार ने 8000 गांवों में नोडल अधिकारी नियुक्त करने का फ़ैसला किया है। यह प्रगटावा करते हुये कृषि और किसान कल्याण विभाग के सचिव काहन सिंह पन्नू ने बताया कि इन गांवों की शिनाख्त कृषि विभाग द्वारा की गई है। इनमें वह गांव शामिल हैं जो रिवायती तौर पर पराली जलाते हैं। पंजाब सरकार ने कृषि विभाग को खेतों में पराली जलाने को प्रभावी तरीके से रोकने के लिए ज़मीनी स्तर पर समुची मशीनरी सक्रिय करले के निर्देश दिए हुए हैं। कृषि सचिव ने बताया कि समूह डिप्टी कमीशनरों को पहले ही प्रभावित गांवों में अधिकारियों /कर्मचारियों को तैनात करने के लिए कहा गया है जिससे पराली जलाने से पर्यावरण और स्वास्थ्य को होने वाले ख़तरनाक नुकसान से लोगों को जागरूक किया जा सके। नोडल अधिकारियों को धान की कटायी के बाद सख्त चौकसी बरतने का कार्य सौंपा गया है। सचिव ने बताया कि सहकारिता, राजस्व, ग्रामीण विकास एवं पंचायत, कृषि, बाग़बानी और भू संरक्षण विभाग और पंजाब राज्य बिजली निगम लिमिटेड आपसी तालमेल के द्वारा पराली जलाने के ग़ैर-स्वास्थ्यमंद अमल को रोकने के लिए साझे तौर पर काम करेंगे। यह नोडल अधिकारी विभिन्न सरगर्मियां करेंगे जिनमें किसानों के साथ मीटिंगें करके फ़सली अवशेष प्रबंधन (सी.आर.एम.) मशीनों का प्रबंध करेंगे और गाँवों में किसानों को पैंफलेट और अन्य सामग्री बाँटेंगे। इसके अलावा यह नोडल अधिकारी गुरुद्वारों से या अन्य साधनों के द्वारा पराली न जलाने संबंधी घोषनाएं कराएंगे। इन नोडल अधिकारियों को रैलियाँ और जागरूकता लैक्चर कराने के लिए गाँवों के स्कूलों के साथ संपर्क करने का कार्य सौंपा गया है जिससे विद्यार्थियों को भी पराली जलाने के मुद्दे पर संवेदनशील बनाया जा सके और वह अपने माँ बाप को पराली न जलाने संबंधी कह सकें और इससे पड़ते बुरे प्रभाव संबंधी अपने माँ बाप को जागरूक कर सकें।यदि कोई किसान खुले खेतों में पराली को आग लगाता है तो नोडल अधिकारी राजस्व पटवारी की सहायता से सम्बन्धित ज़मीन मालिक के रिकार्ड में रैड्ड एंट्री दर्ज करवाने को यकीनी बनाऐगा। इसी तरह नोडल अधिकारी राज्य सरकार /बोर्डों /कॉर्पोरेशनों/सहकारी सभाओं के मुलाजिमों और पंचायती ज़मीनी के लिए जारी हिदायतों की पालना को प्रभावी ढंग से लागू किये जाने को यकीनी बनाऐंगे।श्री पन्नू ने बताया कि राज्य भर की सभी 3485 सहकारी सोसायटियों के सचिवों को भी इस काम पर लगाया गया है। इसी तरह ही ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग केे 1850 पंचायत सचिवों, पावरकॉम के 2000 जूनियर इंजीनियरों, 6000 लाईनमैनों, 200 सब-डिवीजनल अधिकारियों, कृषि, बाग़बानी, भू संरक्षण विभागों के 1500 अधिकारियों की सेवाएं इस मकसद के लिए ली जानी हैं। इसके अलावा बाकी विभाग के अधिकारियों और मुलाजिमों की सेवाएं भी इस मकसद के लिए हासिल की जाएंगी।कृषि सचिव ने आगे बताया कि कि उपरोक्त के अलावा हरेक 20 गाँवों के पीछे एक ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी, ब्लॉक कृषि अधिकारी, सर्कल राजस्व अधिकारी आदि कुआर्डीनेटिंग अधिकारी के तौर पर तैनात किये जाएंगे जो ज़मीनी स्तर पर सरगर्मियों पर निगरानी रखेंगे।