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जन्मदिन पर गुजरात पहुंचे पीएम मोदी ने गांधीनगर में अपनी मां से लिया आर्शीवाद
अपने जन्मदिन पर गुजरात पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर में अपनी मां से आर्शीवाद लिया। गुजरात में सरदार सरोवर बांध का दौरा किया। पहली बार बांध को लबालब देख खुश हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ये परियोजना कई राज्यों की जरुरतों को पूरा कर रही है।प्रधानमंत्री ने आज अपने गृह राज्य गुजरात की यात्रा की। उन्होने केवडिया में नर्मदा की पूजा-अर्चना की। गुजरात राज्य सरकार सरदार सरोवर बांध का जलस्तर 138 मी. पहुंच जाने पर नमामि नर्मदा कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसी अवसर पर प्रधानमंत्री भी शामिल हुए और विकास कार्यों की समीक्षा की। जीवनदायनी नर्मदा को तेरे जल अमृत उन इलाक़ों के लिए जहां पानी की किल्लत है। प्रधानमंत्री मोदी ने केवडिया गुजरात में नर्मदा की विधि पूर्वक पूजा की। गुजरात नर्मदा के ऐतिहासिक जलस्तर पहुंचने पर नमामि नर्मदा कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। दरअसल सरदार सरोवर बांध जलाशय का जलस्तर 138मी. ऊंचाई पर पहुंच गया। सरदार सरोवर बांध के पास बनी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जो दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। इसका भी प्रधानमंत्री ने पिछले साल 31 अक्टू. को लोकार्पण किया था। ये दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। अगस्त महीने में ही दुनिया की 100 महत्वपूर्ण स्थानों में ये शामिल हुआ। साथ ही यहां एक दिन में सर्वाधिक 34हज़ार लोगों का आना भी एक रिकार्ड है। पर्यटन के लिहाज से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आस-पास प्रकृति के नज़ारे को संवारने और सहजने के लिए नर्मदा के किनारे-किनारे कई विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसमें से एक है तितलियों के लिए बना एक अपना ही संसार। यहां स्थित बटरफ्लाई पार्क में प्रधानमंत्री ने ख़ुद तितलियों की कई प्रजातियों को देखा। इन तितलियों ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन को एक पल के लिए और भी ख़ुशनुमा बना दिया। पर्यावरण के साथ-साथ रोमांचकारी पर्यटकों के लिए केवडिया में रिवर राफ़्टिंग का भी मौक़ा होगा। प्रधानमंत्री खलवानी के पास नर्मदा में रिवर राफ़टिंग के की सुविधाओं का मुआयना किया। सैलानियों के लिए रिवर राफ़टिंग की सुविधा साल के पूरे 365 दिन उपलब्ध रहेगी। रोमांच और प्रकृति के नज़ारों के बीच पर्यटक यहां एक जंगल सफ़ारी का भी लुत्फ ले सकेंगे। नज़दीक ही ज़रवानी में विकसित की गई सेंचुरी का प्रधानमंत्री ने अवलोकन किया। यहां कई जंगली जानवर हिरण, चीतल सहित दूसरे जानवरों के लिए भी व्यवस्था की जाएगी। प्रधानमंत्री ने वनस्पति पारिस्थितिक तंत्र से जुड़े कैक्टस गार्डन को देखा। इस गार्डन में कई प्रकार के कैक्टस लगाए गए हैं। पीएम ने बातचीत के दौरान अधिकारियों से गार्डन के विकास के लिए लोगों से सलाह लेने की भी अपील की।पारंपरिक कला को बढ़ावा देने के मकसद से एकता नर्सरी भी यहां बनाई गई है। इसमें गुजरात की संस्कृति के साथ कई ऐसी कलाओं को आधुनिक रंग दिया गया है जो पर्यावरण हितैषी होंगी। प्रधानमंत्री ने पर्यावरण के अनुकूल बनी उत्पादों को देखा। यहां बनने वाली प्लेट और कटोरियां पूरी तरह से बायोडिग्रेडेबल हैं। इनका निस्तारण पर्यावरण के अनुकूल है।विश्व मोहन वन का प्रधानमंत्री ने लोकार्पण किया। इस खूबसूरत पार्क को भी केवडिया में ही विकसित किया गया है। इसमें आधुनिकता के साथ ही पुरातन झलक भी है।