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महज़ एक महीने में आयूषमान भारत सरबत सेहत बीमा योजना के अंतर्गत 17.02 लाख ई -कार्ड बनाए गए: बलबीर सिंह सिद्धू

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10 दिनों के दौरान 1591 मरीज़ों में से 661 लाभपात्रीयों को प्राप्त हुई सजऱ्री और ऑपरेशन सम्बन्धी स्वास्थ्य सुविधाएं
चंडीगढ़ – राज्य के लगभग 46 लाख परिवारों को ‘आयूषमान भारत सरबत सेहत बीमा योजना’ के अंतर्गत दूसरे दर्जे और सजऱ्री और ऑपरेशन की स्वास्थ्य सहूलतें मुहैया करवाने के मद्देनजऱ ई -कार्डज़ बनाने का काम कॉमन सर्विस सैंटरों (सीएससी) और अस्पतालों में पूरे ज़ोरों पर चल रहा है। पंजाब सरकार ने अगस्त के महीने में कुल 17.02 लाख ई -कार्ड जारी किये हैं। यह जानकारी एक प्रैस बयान के दौरान आज स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने दी। स. बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि कॉमन सर्विस सैंटरों (सीएसी) और अस्पतालों में योग्य परिवारों को ई -कार्ड जारी करने की काम-काज की देख-रेख का काम राज्य स्वास्थ्य एजेंसी कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि इस सर्वगत स्वास्थ्य बीमा स्कीम के अंतर्गत लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने को यकीनी बनाने सम्बन्धी निर्देश जि़ला अधिकारियों को दिए गए हैं। उन्होंने आगे बताया कि राज्य में इस स्कीम के अंतर्गत उपचार सेवाओं की शुरुआत 20 अगस्त, 2019 को की गई और केवल 10 दिनों में ही 1591 मरीज़ों को सरकारी और प्राईवेट अस्पतालों में नकद-रहित इलाज मुहैया करवाया गया। 1591 मरीज़ों में से 661 मरीज़ों को सजऱ्री और ऑपरेशन जैसी महँगी इलाज सहूलतें मुफ़्त मुहैया करवाई गई।स. बलबीर सिंह सिद्धू ने स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इतने कम समय में किये गए कामों की प्रशंसा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य बीमा योजना को बढिय़ा ढंग से लागू करने में पंजाब अब उत्तरी भारत के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि यह एक रिकॉर्ड है कि सरबत सेहत बीमा योजना के लागू होने के केवल 10 दिनों के उपरांत लगभग 17.02 लाख ई -कार्ड लाभपात्रीयों को जारी कर दिए गए हैं जबकि हमारे पड़ोसी राज्य हम से काफ़ी पीछे रह गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस लोक कल्याण स्कीम को मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा लागू किया गया था और मुख्यमंत्री ने इसे सैद्धांतिक मंजूरी देते हुए इस स्कीम में विस्तार करते हुए 45.89 लाख परिवारों (राज्य की 75 फीसदी आबादी) को 5 और श्रेणियों जैसे कि स्मार्ट राशन कार्ड धारक, छोटे व्यापारी, जे-फार्म धारक किसान, छोटे और सीमांत किसान तथा प्रमाणित और पीले कार्ड धारक पत्रकारों को शामिल किया गया है जबकि केंद्र सरकार द्वारा केवल 2011 जनगणना के अनुसार सामाजिक और आर्थिक पक्ष से पिछड़े परिवारों को ही शामिल किया गया था।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा इस बड़े स्तर के अनूठे फ़ैसले से पंजाब के 2 करोड़ से अधिक लोगों को इस बीमा योजना अधीन स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने दोहराते हुए कहा कि पंजाब सरकार राज्य के लोगों को मानक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए वचनबद्ध है।सरदार सिद्धू ने कहा कि इस स्कीम के अंतर्गत पारिवारिक सदस्यों की संख्या, उम्र या लिंग के बिना भेद -भाव करते हुए परिवार के सभी सदस्यों को स्वास्थ्य सहूलतें मुहैया कराने के लिए शामिल किया गया है। इस स्कीम का मुख्य उद्देश्य लोगों को मुफ़्त स्वास्थ्य सहूलतें प्रदान करना है जिससे राज्य के लोगों पर पडऩे वाले आर्थिक बोझ को घटाया जा सके। स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि बीमा योजना को सुचारू ढंग से चलाने के उद्देश्य से राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा सूचीबद्ध प्राईवेट और सरकारी अस्पतालों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है और मरीज़ों को बिना किसी परेशानी के अस्पतालों में स्वास्थ्य सहूलतें मिल सकें इसके लिए सूचीबद्ध अस्पतालों में ‘आरोग्य मित्र’ नियुक्त किया गया है।

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