पंजाब
स्टेट फूड कमीशन द्वारा राष्ट्रीय फूड सेफ्टी एक्ट सम्बन्धी प्रबंधों के रक्षकों को जागरूक करने के लिए लगाए जा रहे हैं राज्य में विशेष कैंप-रैड्डी
चंडीगढ़ – पंजाब स्टेट फूड कमीशन द्वारा राष्ट्रीय फूड सुरक्षा एक्ट सम्बन्धी प्रबंधों के रक्षकों (जी.ओ.जी) को जागरूक करने के लिए राज्य में विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं। इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए पंजाब स्टेट फूड कमीशन के चेयरमैन डी.पी. रैड्डी ने बताया स्टेट फूड कमीशन की निगरानी में चल रही सभी स्कीमों सम्बन्धी प्रबंधों के रक्षकों को जागरूक करने के लिए राज्य में विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं जिससे इन स्कीमों को ज़मीनी स्तर पर सही तरीके से पहुंचाया जा सके और इसकी निगरानी की जा सके। उन्होंने बताया कि पंजाब राज्य के सारेे जिलों में 19 अगस्त, 2019 से 6 सितम्बर, 2019 तक यह कैंप लगाए जा रहे हैं।उन्होंने बताया कि इस मौके पर विशेष तौर पर इन स्कीमों में कमी की स्थिति में शिकायत करने के लिए स्थापित प्रणाली संबंधी भी जागरूक किया जायेगा। फूड कमीशन द्वारा शिकायत निवारण के लिए स्थापित प्रणाली के अनुसार लाभपात्री अपनी शिकायत संबंधित विभाग को भी दे सकते हैं यदि वह अपने शिकायत के निपटारे सम्बन्धी संतुष्ट न हो तो अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) को भी शिकायत कर सकता है और फूड कमीशन को भी सीधे तौर पर शिकायत कर सकता है। इसके अलावा 222.श्चह्यद्घष्.श्चह्वठ्ठद्भड्डड्ढ.द्दश1.द्बठ्ठ पर भी शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। इस श्रृंखला के अंतर्गत 26 अगस्त, 2019 को संगरूर, एस.बी.एस नगर में, 27 अगस्त, 2019 को बरनाला में, 28 अगस्त, 2019 को बठिंडा, जालंधर में, 2 सितम्बर, 2019 को मानसा, कपूरथला, 3 सितम्बर, 2019 को लुधियाना, 6 सितम्बर, 2019 को तरनतारन में कैंप लगाए जा रहे हैं। जबकि 19 अगस्त, 2019 को रोपड़, 20 अगस्त, 2019 को अमृतसर, साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर, होशियारपुर, 21 अगस्त, 2019 फिऱोज़पुर, फऱीदकोट, पठानकोट, 22 अगस्त, 2019 को फाजि़ल्का, गुरदासपुर और 23 अगस्त, 2019 को पटियाला, मुक्तसर में जागरूकता कैंप लगाए जा चुके हैं।श्री रैड्डी ने बताया कि राष्ट्रीय फूड सेफ्टी एक्ट साल 2013 में अस्तित्व में आया था। इस एक्ट के उपबंधों के अंतर्गत पी.एच. (परम प्राथमिकता वाले परिवार) और ए.ए.वाई (अंत्योदय अन्न योजना) दो रुपए प्रति किलो की दर पर प्रति व्यक्ति प्रति महीना 5 किलोग्राम गेहूँ और अंत्योदय अन्न योजना के अधीन प्रति परिवार को दो रुपए प्रति किलोग्राम की दर पर हर महीने 35 किलोग्राम गेहूँ दिया जाता है। इस समय पंजाब राज्य में 54.79 प्रतिशत ग्रामीण और 44.83 प्रतिशत शहरी जनसंख्या इस योजना का लाभ ले रही है।