पंजाब
कैप्टन अमरिन्दर सिंह सरकार द्वारा स्थिर विकास के लक्ष्यों को अमल में लाने के लिए संयुक्त राष्ट्र विकास प्रोग्राम के साथ समझौता सहीबद्ध
मुख्यमंत्री ने रोजग़ार सृजन विभाग को नये मौके तलाशने के लिए यू.एन.डी.पी. के साथ साझेदारी करने के लिए कहा
चंडीगढ़ – पंजाब सरकार ने स्थिर विकास के लक्ष्यों (एस.डी.जी.) को अमल में लाने के लिए आज संयुक्त राष्ट्र विकास प्रोग्राम (यू.एन.डी.पी.) के साथ समझौता किया।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह और वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल की मौजूदगी में यू.एन.डी.पी. की रैज़ीडैंट नुमायंदा शोको नोडा और पंजाब के योजना विभाग के प्रमुख सचिव जसपाल सिंह ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किये। इस समझौते के अंतर्गत योजना विभाग में यू.एन.डी.पी. के सहयोग से स्थिर विकास के लक्ष्यों बारे तालमेल केंद्र स्थापित किया जायेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समझौते से प्रशासनिक विभागों में समानता आयेगी जिससे राज्य के स्थिर और व्यापक विकास को यकीनी बनाया जा सकेगा। उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि इन लक्ष्यों के द्वारा नागरिक केंद्रित सेवाओं और विकास प्रमुख प्रोग्रामों के इच्छित नतीजे हासिल होंगे। यू.एन.डी.पी. के सीनियर सलाहकार द्वारा कौशल विकास, रोजग़ार और जीवन निर्वाह संबंधी संक्षिप्त में दी पेशकारी के बारे में मुख्यमंत्री ने रोजग़ार सृजन विभाग को यू.एन.डी.पी. के नुमायंदों के साथ तालमेल कायम करने के लिए कहा ताकि प्राईवेट सैक्टर में स्व-रोजग़ार और नौकरियों के साथ-साथ कौशल विकास के लिए नयी संभावनाएं तलाशी जा सकें। राज्य सरकार के प्रमुख प्रोग्राम ‘घर -घर रोजग़ार’ की सफलता का जि़क्र करते हुए उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को कौशल विकास व रोजग़ार योजनाओं को उत्साहित करने के लिए हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिया। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र विकास प्रोग्राम का स्वागत करते हुए वित्त मंत्री ने एस.डी.जी. को लागू करने में पंजाब का हिस्सेदार बनने के लिए उनका राज्य सरकार की तरफ से धन्यवाद भी किया। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने विकास योजनाबंदी के लिए स्थिर विकास के लक्ष्यों के ढांचे को पहले ही अपनाया हुआ है और चार वर्षीय रणनीतिक कार्य योजना 2019 -23 की तैयारियाँ शुरू कर दीं हैं। इस चार वर्षीय योजना के द्वारा स्पष्ट निशाने और लक्ष्य निर्धारित किये गए हैं। इसमें विभागों के अधिकारियों के लिए मुख्य कारगुज़ारी मापदंड को तय करना भी शामिल किया गया है। मुख्य कारगुज़ारी मापदंड (के.पी.पी.) तय करने में पंजाब अग्रणी राज्य है जिससे न केवल मुलाजिमों की कारगुज़ारी को परखा जा सकेगा बल्कि यह मुलाजिमों की सालाना कारगुज़ारी के मुल्यांकन के लिए भी पैमाना सिद्ध होगा।
यहाँ यह बताने योग्य है कि राज्य सरकार ने मुख्य सचिव के नेतृत्व में संचालन समिति के स्तर पर व्यापक विचार -विमर्श के बाद आठ विभागों की चार वर्षीय रणनीतिक कार्य योजनाएँ (एस.ए.पी.) को पहले ही मंज़ूरी दी हुई है। मंत्रीमंडल द्वारा इन योजनाओं को मंजूरी देने से पहले इनको अंतिम रूप देने के लिए वित्त और योजना मंत्री के नेतृत्व में टास्क फोर्स ने कई मीटिंगें की। इसके अंतर्गत 17 लक्ष्य तय किये गए हैं जिनको व्यापक तौर पर गऱीबी के ख़ात्मे, धरती की सुरक्षा और सभी लोगों की शान्ति और खुशहाली को यकीनी बनाने के तौर पर जाना जाता है। स्थिर विकास लक्ष्यों (एस.डी.जी.) का ढांचा विकास योजनाबंदी के प्रति पहुँच में बदलाव लाता है। संयुक्त राष्ट्र विकास प्रोग्राम की हिस्सेदारी से विकास के लक्ष्यों सम्बन्धी तालमेल केंद्र स्थापित किया जा रहा है जो पंजाब सरकार को पाँच भागों पर आधारित विकास लक्ष्यों के लिए सहायक होगा। इन पाँच भागों में संयुक्त रणनीतिक जुगतबंदी और अमल, जागरूकता और सामथ्र्य निर्माण, स्थिर विकास लक्ष्यों का स्थानीकरण, संसाधन जुटाना और साझेदारी और निगरानी और मुल्यांकन शामिल हैं। इससे राष्ट्रीय सूचक ढांचे के मुताबिक प्रांतीय सूचक ढांचा विकसित करने को यकीनी बनाने के अलावा लक्ष्यों के विरुद्ध कारगुज़ारी तय करने के लिए एक व्यापक निगरानी और मुल्यांकन योजना को निश्चित किया जायेगा। इस मौके पर वित्त विभग के प्रमुख सचिव अनिरूद्ध तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, सचिव रोजग़ार सृजन राहुल तिवारी और विशेष सचिव योजनाबंदी डी.एस. मांगट भी उपस्थित थे।यू.एन.डी.पी. के प्रतिनिधिमंडल में संस्था के सीनियर सलाहकार हर्ष सिंह, भारत स्थित एडीशनल डायरैक्टर डा. राकेश कुमार, स्टेट कार्यालय, चंडीगढ़ के प्रमुख विकास वर्मा, संस्था के पार्टनरशिप स्पैशलिस्ट सुखमन रंधावा और प्रोग्राम एसोसिएट शरण सूरी शामिल थे।