पंजाब
सरी में मनाए गए 23वें ‘मेला गदरी बाबेआं दा’ के अवसर पर चार प्रस्ताव पास
गदर लहर के शहीद भाई मेवा सिंह सम्बन्धी आपराधिक रिकॉर्ड दुरुस्त करे कैनेडा सरकार
चंडीगढ़ – प्रोफ़ैसर मोहन सिंह मेमोरियल फाऊंडेशन कैनेडा द्वारा जलियांवाला बाग़ के शौर्यगाथा की 150वीं शताब्दी को समर्पित 23वें ‘मेला गदरी बाबेआं दा’ सरी के बेयर क्रीक पार्क में आयोजित किया गया जिसमें कैनेडा की नामवर शख्सियतें शामिल हुईं।फाऊंडेशन के प्रधान साहिब सिंह थिंद के नेतृत्व अधीन हुए इस 23वें मेले में चार प्रस्ताव भी पास किये गए जिनमें कैनेडा सरकार से माँग की गई कि ग़दर लहर के शहीद भाई मेवा सिंह सम्बन्धी आपराधिक रिकॉर्ड को दुरुस्त किया जाये। इसके अलावा ब्रिटिश कोलम्बिया की राज्य सरकार कामागाटा मारू और ग़दर लहर समेत सिख इतिहास को स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों के सिलेबस का हिस्सा बनाए।तीसरे प्रस्ताव में उन्होंने ब्रिटिश सरकार से माँग की कि भारत में अपने शासनकाल के दौरान जलियांवाला बाग़ के ख़ूनी शौर्यगाथा समेत पंजाबियों खासकर सिखों के साथ की गई ज्यादतियों और ज़ुल्मों सम्बन्धी माफी माँगे।चौथे प्रस्ताव में उन्होंने भारत सरकार से माँग की कि अंडेमान और निकोबार द्वीप समूह के टापूओं के नाम जो कि ब्रिटिश साम्राज्य के अधिकारियों के नाम पर रखे हुए हैं, को बदल कर गदरी देशभक्तों के नाम पर रखे जाएँ और आज़ादी के इतिहास को समूह शैक्षिक संस्थानों में लागू किया जाये।इस अवसर पर कैनेडा सरकार के रक्षा मंत्री हरजीत सिंह सज्जन, विपक्षी पार्टी एन.डी.पी. के प्रमुख जगमीत सिंह, संासद सुख धालीवाल और रणदीप सिंह सराए और सिटी काऊंसलर जैक हुन्दल, आदि ने गदरी बाबेआं संबंधी अपने भावपूर्ण विचार सांझे किये। इस मौके पर ग़दर लहर के शहीद बलवंत सिंह खुरदपुर के परिवार ने ग़दर पार्टी का झंडा लहराया। इस मेले के दौरान भंगड़ा, गिद्दा और अन्य नृत्य भी पेश किये गए। इस मौके पर प्रसिद्ध पंजाबी कलाकारों मुहम्मद सदीक, राज काकड़ा, गिल हरदीप, मोहसिन शौकत अली, सुरिन्दर लाडी और कौर मनदीप ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। इस मेले को सफल बनाने के लिए फाऊंडेशन के अधिकारियों में किरनपाल गरेवाल, राज पड्डा, अमरप्रीत गिल, जसपाल थिंद, अमृत संधू, जगरूप खैहरा आदि ने बखूबी सेवाएं निभाईं। स्टेज सचिव के फजऱ् प्रो. गुरविन्दर सिंह धालीवाल और मनजीत कौर कंग ने शानदार ढंग से निभाया।