पंजाब

मुख्यमंत्री पाकिस्तान के फ़ैसले से चिंतित परन्तु करतारपुर गलियारे पर कोई प्रभाव न होने के प्रति आशावान

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चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पाकिस्तान की तरफ से भारत के साथ कूटनीतिक सम्बन्ध घटाने के लिए फ़ैसले पर चिंता ज़ाहिर करते हुए इस कदम का करतारपुर गलियारे के निर्माण पर बुरा प्रभाव न पडऩे की उम्मीद अभिव्यक्त की है।इस्लामाबाद से भारतीय हाई कमिश्नर को निकालने के फ़ैसले और नयी दिल्ली के साथ ‘द्विपक्षीय समझौतों’ का जायज़ा लेने की रिपोर्टों पर अपनी प्रतिक्रया ज़ाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान के इस कदम को बगैर सोची समझी और असामयिक कार्यवाही बताया। उन्होंने कहा कि कश्मीर, भारत का अंदरूनी मामला है जिसको क्षेत्र के सम्बन्ध में कोई भी फ़ैसला लेने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से भारत के साथ कूटनीतिक रिश्ते घटाने के लिए इसको बहाने के तौर पर नहीं ईस्तेमाल करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान का फ़ैसला क्षेत्रीय सुरक्षा के हित में नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि दक्षिण-पूर्वी एशिया क्षेत्र की शान्ति को अस्थिर करने के लिए कोई भी ऐसा कदम पड़ोसी मुल्क के लिए भी घातक सिद्ध होगा।इसके साथ ही कैप्टन अमरिन्दर ने उम्मीद अभिव्यक्त की कि इस घटनाक्रम का करतारपुर गलियारे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और बहुत उत्सुक्ता के साथ प्रतीक्षा किए जा रहे इस गलियारे का काम रोक कर पाकिस्तान सिखों की भावनाओं को चोट नहीं पहुँचाएगा। श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के ऐतिहासिक अवसर के सत्कार में करतारपुर गलियारे का निर्माण करने के फ़ैसले का दुनिया भर के सिखों ने स्वागत किया था और यदि अब इस प्रोजैक्ट को मार्ग से भटकाने के लिए कोई भी कदम उठाया गया तो इससे लाखों श्रद्धालुओं को निराशा होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि राजसी जोड़-तोड़ को सिखों की धार्मिक भावनाओं पर हावी होने की आज्ञा नहीं देनी चाहिए, जिनके लिए करतारपुर गुरुद्वारा श्रद्धा और सत्कार का प्रतीक है।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने भारत सरकार से अपील की कि कश्मीर से धारा 370 ख़ारिज किये जाने के बाद दोनों मुल्कों के दरमियान बने हालातों के बावजूद वह इस मसले को इस्लामाबाद के पास पहल के आधार पर उठाए और करतारपुर गलियारे के निर्माण को यकीनी बनाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से भारत के साथ व्यापारिक सम्बन्ध खत्म करने और कूटनीतिक रिश्ते घटाने के लिए फ़ैसले के बाद दोनों मुल्क करतारपुर गलियारे की प्रगति और सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए उचित कदम उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि करतारपुर का कश्मीर मसले या दोनों देशों के लिए चिंता के किसी अन्य मुद्दे के साथ कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व भारत के लोगों ख़ास तौर पर सिखों के लिए एक बेहद ख़ास और पवित्र अवसर है।

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