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एफ.डी.ए. ने लत डालने वाली दवाओं की आसान उपलब्धता पर लगाई पाबन्दी

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ट्रामाडोल और टेपैंटाडोल की बिक्री और वितरण पर लगाई रोक
चंडीगढ़ – राज्य में नशों पर नकेल कसने की वचनबद्धता को बनाए रखते हुए डायरैक्टोरेट फूड एंड ड्रग ऐडमिनस्टे्रशन पंजाब द्वारा थोक और रिटेल लाइसेंस धारकों द्वारा ट्रामाडोल और टेपैंटाडोल की गोलियों के भंडारण, बिक्री और वितरण पर रोक लगाने के हुक्म तुरंत प्रभाव से जारी किये गए हैं। इस सम्बन्धी राज्य सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी किया गया है। यह जानकारी फूड एंड ड्रग ऐडमिनस्ट्रेशन, पंजाब के कमिश्नर स. के.एस. पन्नू ने दी।इन दवाओं की अपेक्षित मात्रा की उपलब्धता पर कोई प्रभाव न पडऩे और साथ ही इनके दुरुपयोग के मद्देनजऱ सुविधाजनक उपलब्धता न होने को यकीनी बनाने के लिए ट्रामाडोल और टेपैंटाडोल की गोलियाँ सिफऱ् मान्यता प्राप्त लाइसेंस धारकों के पास ही उपलब्ध होंगी, जो सरकारी और निजी अस्पतालों के अंदर या बाहर मैडीकल स्टोर चला रहे हैं। श्री पन्नू ने कहा कि वह (लाइसेंस धारक) एक ही समय पर 500 गोलियाँ /कैप्सूल रखने की शर्त पर अपने सम्बन्धित क्षेत्र की ज़ोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी के पास लिखित रूप में विनती दर्ज करवाकर उक्त दवाएँ रख सकते हैं।उन्होंने कहा कि इसके अलावा जो थोक विक्रेता दवाएँ बनाने वाली कंपनियों के सीधे स्टॉकिस्ट हैं, उनको एक ही समय में ट्रामाडोल और टेपैंटाडोल की 5000 गोलियाँ/कैप्सूल रखने की आज्ञा है और स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी से विशेष आज्ञा लेकर सी. एंड एफ.ए. लाइसेंस धारक 50,000 गोलियाँ /कैप्सूल रख सकते हैं। पाबंदी सम्बन्धित हुक्मों को दोहराते हुए, कमिश्नर फूड एंड ड्रग ऐडमिनस्ट्रेशन ने कहा कि आम थोक कैमिस्टों पर इन हुक्मों के ज़रिये ट्रामाडोल और टेपैंटाडोल की गोलियों के भंडारण, बिक्री न करने सम्बन्धी तुरंत प्रभाव से पाबंदी लगाई गई है। इन कैमिस्टों को दवाओं का स्टॉक उत्पादकों या सी. एंड एफ.ए. या डिस्ट्रीब्यूटरों को लिखित रूप में वापस करने और वापस किये स्टॉक की स्टेटमैंटें अपने सम्बन्धित इलाकों के ड्रग कंट्रोल अफसरों के पास जमा करवाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। रिटेल विक्रेताओं को ट्रामाडोल और टेपैंटाडोल की गोलियाँ रखने पर पाबंदी लगाई गई है और इसके साथ ही डैक्स्ट्रोप्रोपोक्सीफीन, डाईपैनोज़ाईलेट, कोडाईन, पैंटाजोसाईन, बुपरेनौरफाईन और नाईट्राजीपैम जैसी पाबन्दीशुदा दवाएँ रखने की भी मनाही है।स. पन्नू ने स्टॉकिस्टों की जवाबदेही तय करने के लिए यह दवाएँ रखने वालों को खरीद, बिक्री और भंडारण सम्बन्धी हरेक महीने सम्बन्धित ड्रग इंस्पेक्टर के पास दवाओं का सारा रिकार्ड जमा कराने के लिए कहा है।उन्होंने कहा कि ज़ोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी को कैमिस्ट ऐसोसीएशनों को इन हुक्मों संबंधी अवगत करवाने और इसके प्रभावशाली ढंग से लागू करने को यकीनी बनाने के लिए तुरंत मीटिंग करने की हिदायतें जारी की गई हैं।जिक़्रयोग है कि फूड एंड ड्रग ऐडमिनिस्ट्रेशन और अन्य एजेंसियों द्वारा ट्रामाडोल और टेपैंटाडोल की गोलियों की बड़े स्तर पर बरामदगियों और विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के मद्देनजऱ इन लत डालने वाली दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाने की ज़रूरत है।

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