पंजाब

अमृतसर में वैश्विक दर्जे की हाई-टैक मल्टी डिस्ट्रिक्ट वॉटर टेस्टिंग लैबोरेट्री की जायेगी स्थापित-रजि़या सुल्ताना

Posted on

‘भाभा एटोमिक रिसर्च सैंटर’ की तकनीकी महारत के अधीन की जायेगी स्थापना

चंडीगढ़ – राज्य के माझा क्षेत्र में खाना पकाने और अन्य घरेलू ज़रूरतों के लिए सुरक्षित और साफ़ पेयजल की सप्लाई को यकीनी बनाने के लिए पंजाब सरकार ‘भाभा एटोमिक रिसर्च सैंटर’, मुम्बई के तकनीकी महारत के अधीन अमृतसर में विश्व स्तरीय हाई-टैक मल्टी डिस्ट्रिक्ट वॉटर टैस्ट लैबोरेट्री स्थापित करने जा रही है। यह टेस्टिंग लैबोरेट्री पेयजल में आर्सेनिक, युरेनियम और अन्य भारी धातुओं का टैस्ट करने के समर्थ होगी।जल सप्लाई और सेनिटेशन मंत्री श्रीमती रजिय़ा सुल्ताना ने आज यहाँ बताया कि यह हाई-टैक मल्टी डिस्ट्रिक्ट वॉटर टेस्टिंग लैबोरेट्री जि़ला अमृतसर, तरन तारन, पठानकोट में पीने वाला साफ़ पानी मुहैया करवाने के साथ-साथ माझा क्षेत्र के अन्य हिस्सों के लिए अपनी सेवाएं प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि आर्सेनिक, युरेनियम और अन्य भारी धातुओं की जांच करने के अलावा यह पीने वाले पानी के मूलभूत मापदण्डों और बैक्टीरिया सम्बन्धी मापदण्डों की जांच करने में भी समर्थ होगी। उन्होंने आगे कहा कि अमृतसर में 6 करोड़ रुपए की लागत से यह अत्याधुनिक लैब 8000 वर्ग फुट के क्षेत्र में स्थापित की जा रही है।हाई-टैक लैबोरेट्री में लगाए जाने वाले अत्याधुनिक उपकरणों संबंधी विवरण देते हुए जल सप्लाई मंत्री ने कहा कि पी.पी.टी. (पार्टस पर ट्रिलियन) स्तर पर आर्सेनिक, भारी धातुओं, एनायनस, कैटायनस की जांच के लिए इस लैब में इंडकटिवली कप्पल प्लाज़्मा मास स्पेक्ट्रोमीटर (आई.सी.पी.-एम.एस.) और आयन क्रोमैटोग्राफ जैसे उपकरण इस्तेमाल किए जाएंगे। इसके अलावा मूलभूत मापदण्डों जैसे टोटल डिसौलवड सौलिडज़, पी.एच., टरबीडिटी और ई.कौली और टोटल कोलीफौरम जैसे बैक्टीरियोलौजीकल मापदंड पीने योग्य पानी की टेस्टिंग के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘यह लैब सुरक्षित पीने वाले पानी को मुहैया कराने के लिए इन क्षेत्रों में लगाए जा रहे आर्सेनिक रिमूवल प्लांटों की कारगुज़ारी की निगरानी में भी सहायता करेगी।’’ नवीनतम उपकरणों के साथ जि़ला संगरूर, मोगा, होशियारपुर और एस.ए.एस. नगर में लगभग 4 और मल्टी डिस्ट्रिक्ट लैबोरेट्रियाँ स्थापित की जा रही हैं जो बाकी जि़लों की पानी की माँग को भी पूरा करेंगी। इन सभी लैबों की इमारतों को नवीनतम मापदण्डों और वातावरण सुरक्षा के अनुसार तैयार किया गया है। इन लैबों पर तकरीबन 4.50 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। मल्टी डिस्ट्रिक्ट लैब पहले ही पटियाला में चल रही है और एक रीजनल एडवांस वॉटर टेस्टिंग लैब एस.ए.एस. नगर में भी चल रही है जिसमें सभी भारी धातुओं और रेडिओ एक्टिव धातुओं की जांच की जा रही है।

Click to comment

Most Popular

Copyright © 2018 www.dinkarnews.com. All Rights Reserved Designed by TEJ iNFO