जीवन शैली
पंजाब सरकार द्वारा केंद्रीय जेलों में हैपेटाईटस सी के मामलों की पहचान और इलाज के लिए प्रोग्राम की शुरुआत
स्वास्थ्य विभाग द्वारा फाउंडेशन ऑफ इनोवेटिव न्यू डायगनोस्टिक्स के साथ समझौता सहीबद्ध
चंडीगढ़ – देश का अग्रणी राज्य बनते हुए पंजाब सरकार द्वारा आज केंद्रीय जेलों में हैपेटाईटस सी के मामलों की पहचान और इलाज के लिए प्रोग्राम की शुरुआत की गई। राज्य सरकार हैपेटाईटस सी के टैस्टों की लागत का खर्च भी उठा रही है, जिसके लिए पहले मरीज़ को 881 रुपए देने पड़ रहे थे।इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने विश्व हैपेटाईटस दिवस के अवसर पर पंजाब, भारत और विश्व में हैपेटाईटस सी की मौजूदा स्थिति की जांच के लिए नेशनल वाइरल हैपेटाईटस कंट्रोल प्रोग्राम के अंतर्गत की गई प्री-कान्फ्ऱेंस के दौरान दी ताकि इस संक्रमित बीमारी के ख़ात्मे के लिए रोकथाम और उपचारात्मक सम्बन्धी प्रभावशाली कदम उठाए जा सकें। स्वास्थ्य विभाग ने फाउंडेशन ऑफ इनोवेटिव न्यू डायगनोस्टिकस के साथ केंद्रीय जेलों में हैपेटाईटस सी के मामलों की पहचान और इलाज के लिए समझौता सहीबद्ध किया।स. सिद्धू ने बताया कि पंजाब सरकार अगस्त, 2019 के दौरान 9 केंद्रीय जेलों में हैपेटाईटस सी के टैस्ट करने की प्रक्रिया आरंभ कर रही है। इसके अलावा हैपेटाईटस सी की टेस्टिंग और मैनेजमेंट के लिए बाकी जेलों को भी इन 9 केंद्रीय जेलों के साथ जोडक़र इस प्रक्रिया को क्रमबद्ध ढंग से पूरा किया जायेगा।राज्य में हैपेटाईटस सी की इलाज दर पर प्रकाश डालते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और स्टाफ के अथक यत्नों से हैपेटाईटस सी के 67,000 से अधिक मरीजों का इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि हैपेटाईटस सी के इन मामलों का इलाज द्वारा ठीक होने की दर तकरीबन 93 प्रतिशत है और नेशनल वाइरल हैपेटाईटस कंट्रोल प्रोग्राम के अंतर्गत पंजाब देश के अन्य राज्यों के लिए मॉडल राज्य के तौर पर सामने आया है। उन्होंने कहा कि तरन तारन और संगरूर जि़लों में अब भी और ज्य़ादा ध्यान देने की ज़रूरत है जहाँ कि अन्य जिलों की अपेक्षा हैपेटाईटस सी के ज़्यादा मामले सामने आए हैं।स. सिद्धू ने कहा कि राज्य सरकार हैपेटाईटस सी के टैस्टों की लागत का खर्च भी उठा रही है, जिसके लिए पहले मरीज़ को 881 रुपए देने पड़ रहे थे। इसके साथ ही हैपेटाईटस सी के इलाज के लिए दवाएँ इन अस्पतालों में पहले ही मरीजों को मुफ़्त दी जा रही हैं।हैपेटाईटस सी के कंट्रोल के लिए अधिकारियों की प्रशंसा योग्य कारगुज़ारी के लिए बधाई देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वह सरकारी मैडीकल कॉलेजों और जि़ला अस्पतालों में काम करते मैडीकल स्पैशलिस्टों, जि़ला ऐपीडैम्योलोजिस्ट और उनकी टीमें, पंजाब स्टेट एडज़ कंट्रोल सोसायटी के स्टाफ, पंजाब हैल्थ सिस्टम कार्पोरेशन और आई.डी.एस.पी की स्टेट टीम के अथक यत्नों के लिए उनकी प्रशंसा करते हैं।इस अवसर पर श्री अनुराग अग्रवाल, प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने कहा कि फाउंडेशन ऑफ इनोवेटिव न्यू डायगनोस्टिक्स के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग ने हैपेटाईटस सी के लिए 18000 से अधिक एच.आई.वी. मरीज़ों की मुफ़्त जांच की है। उन्होंने आगे कहा कि क्लिंटन हैल्थ एक्सैस इनीशीएटिव, ऐक्सटैंशन ऑफ हैल्थ केयर आऊटकम और पी.जी.आई हैपेटाईटस सी सम्बन्धी जानकारी के प्रसार के लिए स्वास्थ्य विभाग का सहयोग दे रही है।श्री अनुराग अग्रवाल ने बताया कि पी.जी.आई के सहयोग से नशा मुक्ति केन्द्रों में आई.वी.डी.यूज़ (इन्टरावेनस ड्रग यूजर्ज़) के दरमियान हैपेटाईटस सी की स्क्रीनिंग और टेस्टिंग के लिए एक विशेष प्रोग्राम भी लांच किया जायेगा।श्री पी.के. सिन्हा, ए.डी.जी.पी. जेल विभाग ने बताया कि पंजाब और ज्य़ादा खतरे वाले इलाकों में हैपेटाईटस सी की स्क्रीनिंग और कंट्रोल करने सम्बन्धी कदम उठाने वाला भारत का पहला राज्य है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री और इस अवसर पर उपस्थित महान सख्शियतों को यकीन दिलाया कि इस मुहिम को पूरा करने के लिए सभी केंद्रीय जेलों में विशेष टीमें लगाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह मुहिम मामलों की पहचान करके हैपेटाईटस सी के फैलाव की रोकथाम के लिए एक बड़ा कदम होगा जिससे जल्द से जल्द कैदियों को इलाज मुहैया करवाया जा सके।डा. संजय सरीं एफ.आई.एन.डी. (फाइंड), भारत के प्रमुख ने कहा कि हम पंजाब की जेलों के कैदियों के दरमियान एच.सी.वी के शुरुआती पड़ाव पर ही ख़ात्मे के लिए डायरैक्टोरेट ऑफ हैल्थ सर्विसिस, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, पंजाब सरकार के साथ हिस्सेदारी करके बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि कैदियों को एच.सी.वी. इन्फ़ेक्शन के लिए उच्च खतरे के मामले के तौर पर लिया गया है और इस बीमारी की जल्द पहचान और इलाज के मंतव्य के लिए इनोवेटिव सर्विस डिलिवरी मॉडल और टारगेटिड इनटरवैंशन को विकसित करना अति ज़रूरी है।कम्युनिटी के नुमायंदे मिस लीसा नौवा जेना ने पंजाब सरकार को हज़ारों लोगों को एच.सी.वी. सेवाएं प्रदान करने में नेतृत्व करने और इस सम्बन्धी अन्य राज्यों के लिए मिसाल पैदा करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि हैपेटाईटस सी और एच.आई.वी जैसी बीमारियों से निपटने के लिए आरंभ की गई इस मुहिम का हिस्सा बनने के लिए सभी कम्युनिटियों को उत्साहित करना हमारी सरकार की जि़म्मेदारी है।इस अवसर पर अन्यों के अलावा स्वास्थ्य मंत्री के राजनैतिक सचिव श्री हरकेश चंद शर्मा, डायरैक्टर स्वास्थ्य सेवाएं डा. जसपाल कौर, डायरैक्टर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, डा. अवनीत कौर, स्टेट प्रोग्राम अधिकारी एन.वी.एच.सी.पी./आई.डी.एस.पी, डा. गगनदीप सिंह ग्रोवर, डा. आर.के. धीमान पी.जी.आई., डा. राहुल बरगाजे गिलेद, मुंबई और एसोसिएट डायरैक्टर, रणनीतिक योजनाबंदी और ऑपरेशनज़ सी.एच.ए.आई. ओरियल फरनैंडस उपस्थित थे।