पंजाब

विकास प्रोजेक्टों को समय पर पूरा करने के लिए मेयरों को दी जाएंगे विशेष अधिकार-ब्रह्म मोहिन्द्रा

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चंडीगढ़ – राज्य में चल रहे प्रोजेक्टों को और गतिशीलता प्रदान करने और विकास कार्यों को समय पर पूरा करने के मद्देनजऱ राज्य सरकार द्वारा 10 नगर निगमों के मेयरों को विशेष अधिकार प्रदान करने के लिए सैद्धांतिक तौर पर फ़ैसला लिया गया है। इसका खुलासा स्थानीय निकाय मंत्री श्री ब्रह्म मोहिन्द्रा ने मेयरों के साथ की गई पहली मीटिंग के दौरान किया।श्री मोहिन्द्रा ने जानकारी देते हुए कहा कि यह देखने में आया है कि विभिन्न सरकारी विभागों से मंज़ूरी लेने के कारण राज्यव्यापी महत्व वाले महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों का कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि मंज़ूरी लेने की प्रक्रिया जटिल होने के कारण विकास कार्यों को बहुत नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इन बाधाओं को हटाने के मद्देनजऱ स्थानीय निकाय द्वारा 10 नगर निगमों के मेयरों को और मज़बूती प्रदान करने और विशेष प्रोजेक्टों को समयबद्ध ढंग से मुकम्मल करने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया गया है।मंत्री ने मेयरों को बताया कि इस मुद्दे सम्बन्धी वह पहले ही पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के साथ विचार-विमर्श कर चुके हैं कि मेयरों को और अधिकार प्रदान करने की ज़रूरत है जिससे बिना किसी रुकावट के विकास प्रोजेक्टों को मुकम्मल किया जा सके। उन्होंने कहा कि उन्होंने राज्य या निगम स्तर के विषयों की तर्कसंगत सूची बनाने के लिए श्री ए. वेनू प्रसाद, सचिव, स्थानीय निकाय को हिदायतें भी जारी कर दी हैं।श्री मोहिन्द्रा ने आगे कहा कि पंजाब सरकार द्वारा ग़ैर-कानूनी इमारतों सम्बन्धी पुरानी निती की कमियों को दूर करके एक नए रूप में नई ‘एक मुश्त निपटारा निती’ जल्द ही लाई जायेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा पहले लागू की गई एक मुश्त निपटारा नीति में कई कमियां थीं। अब सरकार द्वारा पुरानी नीति की सभी कमियों को दूर करके एक नई निती नए रूप में लाने का फ़ैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि पुरानी नीति सम्बन्धी राज्य के विभिन्न विभागों और नागरिकों से प्रतिक्रिया, आपत्तियां और सुझाव माँगे गए थे। इस नीति के अंतर्गत 21 जुलाई तक 1018 ऑनलाईन और 138 ऑफलाईन आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसको देखते हुए नागरिकों द्वारा दिए गए सुझावों और आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा नीति में आवश्यक सुधार करने का फ़ैसला लिया गया है।नगर निगम में पुलिस की स्थायी तैनाती की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए मेयरों ने कहा कि ग़ैर-कानूनी कब्ज़ों को हटाने के लिए जि़ला प्रशासन द्वारा पुलिस की सेवाएं लेने के लिए कई किस्म की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।स्थानीय निकाय मंत्री ने मेयरों की निगमों के विकास और राजस्व जुटाने में पेश आ रही मुश्किलों सम्बन्धी शिकायतें भी सुनी और उनको बहुत जल्द इन शिकायतों का हल करने का भरोसा दिया ताकि शहरों के विकास कार्य प्रभावित न हों।

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