शिमला

नए भारत के निर्माण में निर्यातकों की भूमिका महत्त्वपूर्णः जय राम ठाकुर

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मुख्यमंत्री ने उत्तरी क्षेत्र निर्यात पुरस्कार के विजेताओं को वितरित किए पुरस्कार

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि निर्यातक आर्थिक प्रगति में सुधार के लिए महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है तथा भारत सरकार द्वारा आर्थिकी को पांच ट्रिलियन तक पहुंचाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में निर्यातकों का योगदान निर्णायक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि कुछ कठिनाइयों के बावजूद निर्यातकों पर नए भारत के निर्माण में योगदान देने का महान दायित्व है, जिसके लिए उन्हें उत्साह तथा दृढ़ इच्छा शक्ति से कार्य करना होगा।मुख्यमंत्री शनिवार सायं इंजीनियरिंग एक्सपोर्टस प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (ईईपीसी) के क्षेत्रीय पुरस्कार समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर सम्बोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व का भारत को देखने का नजरिया पिछले कुछ वर्षों में बदला है तथा देश केन्द्र में मजबूत नेतृत्व के कारण विश्व की सुदृढ़ आर्थिकी बनकर उभर रहा है। भारत के इंजीनियरिंग निर्यात ने पिछले दो वर्षों में नई ऊंचाइयां प्राप्त की है। वित्त वर्ष 2018-19 में देश का निर्यात 81.02 बिलियन डॉलर तक पहुंचा जबकि वित्त वर्ष 2017-18 में निर्यात 7.02 बिलियन डॉलर था। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता जाहिर की कि उत्तरी क्षेत्र ने देश के कुल इंजीनियरिंग निर्यात में 26 प्रतिशत का योगदान दिया है।जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देश में निवेशकों का सबसे पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे है। प्रदेश सरकार ‘व्यापार में सुगमता’ में सुधार के निरंतर कार्य कर रही है, जो भारत सरकार की रैकिंग में भी प्रदर्शित हो रहा है। राज्य सरकार इस वर्ष विभिन्न क्षेत्रों में 85 हजार करोड़ के निवेश लक्ष्य के साथ धर्मशाला में ग्लोबल इंवेस्टर मीट आयोजित कर रही है। प्रदेश ने पहले ही 25 हजार करोड़ से ज्यादा के मूल्य के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए है, जिसके लिए प्रदेश के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय तथा राष्ट्रीय स्तर पर रोड शो के माध्यम से निवेशकों से मुलाकात की।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को अनेक प्रकार के प्रोत्साहन प्रदान कर रही है और राज्य में अनुकूल वातावरण होने के कारण प्रदेश का प्रदर्शन निर्यात क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। राज्य सरकार ने शिमला में रीजनल सेंटर ऑफ इण्डियन इन्स्टीच्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड (आईआईएफटी) स्थापित करने के लिए 57 बीघा जमीन उपलब्ध करवाई है, इससे निर्यात क्षमता की पहचान करने में सहायता मिलेगी।इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित उद्योगपतियों से होने वाली इन्वेस्टर मीट को सफल बनाने के लिए सुझाव देने और अन्य निवेशकों को हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।मुख्यमंत्री ने उत्तरी क्षेत्र के निर्यात पुरस्कार की सात श्रेणियों के 84 विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। उन्होंने विजेताओं को उनके उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए बधाई दी, जिनमें कुछ निर्यातक हिमाचल प्रदेश से भी शामिल थे।अध्यक्ष ईईपीसी इण्डिया रवि सहगल ने निर्यात क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इंजिनियरिंग क्षेत्र देश की अर्थ-व्यवस्था को सुधारने के लिए अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही है।क्षेत्रीय अध्यक्ष ईईपीसी इण्डिया कामना राज अग्रवाल ने हिमाचल में इस कार्यक्रम को आयोजित करने में सहायता के लिए राज्य सरकार का धन्यवाद किया।

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