पंजाब
ड्रग प्रशासन द्वारा 17 महीनों में 13500 छापेमारियां – पन्नू
4.5 करोड़ रूपए की नशीली दवाएं ज़ब्त
चंडीगढ़ – पंजाब के फूड एंड ड्रग कमिश्नरेट के विंग ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा की गई गतिविधियों संबंधी जानकारी देते हुए श्री के एस पन्नू, सीएफडीए ने बताया कि जागरूकता अभियान और विश्वास निर्माण संबंधी उठाए गए कदमों की प्रारंभिक लड़ी के बाद कमिश्नरेट के अधिकारियों द्वारा साइकोट्रोपिक ड्रग्ज़ की बिक्री को रोकने और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के अनुपालन के लिए राज्यव्यापी छापेमारी की गई।जनवरी 2018 से मई 2019 के बीच के 17 महीनों के दौरान कुल 13500 छापेमारियां की गईं और नशीली दवाओं के 5313 नमूने लिए गए। ज़ब्त की गई नशीली दवाओं की कुल कीमत 4.5 करोड़ रुपए है। ज़ब्त किए गए नमूनों की कराई गई कुल जांच के परिणामों में 11 नमूने मिसब्रांडेड पाए गए और 203 मानक गुणवत्ता के नहीं थे।अपराधों की प्रकृति संबंधी बताते हुए, सीएफडीए ने कहा कि 1414 फर्मों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं, जिनमें से 1278 को आम उल्लंघन जबकि 136 को लत डालने वाली दवाओं के चलते रद्द किया गया है।अधिक जानकारी देते हुए पन्नु ने बताया कि दोषियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के 171 आदेश जारी किए गए हैं और 139 मामलों में मुकदमे शुरू किए जा चुके हैं। अब तक, 120 मामलों में निर्णय लिया जा चुका है, जिनमें 77 दोषी करार दिए जा चुके हैं जिनको 3 से 5 वर्ष तक की कैद व जुर्माने किए गए हैं जबकि 14 अभियुक्तों को भगौड़ा करार दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि ड्रग्ज एंड कॉस्मेटिक एक्ट के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए ड्रग कंट्रोल विंग द्वारा मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच जारी रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी ड्रग कंट्रोल अधिकारियों, जिनमें 38 ड्रग इंस्पैक्टर और 6 ज़ोनल लाईसेंसिंग अथॉरिटीज़ शामिल हैं, को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में सतर्क रहने के लिए कहा गया है और नकली/घटिया गुणवत्ता वाली दवाओं, बिना ‘शेड्यूल एच ड्रग’ के ब्यौरे वाले मिसब्रांड उत्पादों को समाप्त करने के साथ-साथ लत डालने वाली नशीली दवाओं के अवैध भंडारण पर रोक लगाने के लिए कहा गया है। पन्नू ने कहा कि वास्तव में दुष्ट लोगों की पहचान करके एफडीए के हैल्पलाइन नंबर 9815206006 पर इस संबंधी सूचना देने हेतु लोगों की भागीदारी को सुनिश्चित किया गया था जो काफी सहायक साबित हो रही है।