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मुंबई डोंगरी में इमारत ढहने से 12 लोगों की मौत

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मुंबई के डोंगरी में चार मंजिला इमारत गिरने से अब तक 12 लोगों की मौत, नौ लोगों को जिंदा बचाया गया, राहत और बचाव कार्य में जुटी एनडीआरएफ, मुंबई पुलिस और दमकल के लोग, तमाम नेताओं ने किया दौरा, जांच का हुआ एलान, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने हादसे पर जताया शोक.मूसलाधार बारिश से जूझने के बाद देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के डोंगरी में एक चार मंजिला इमारत ढह गई। इस हादसे में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि इमारत के मलबे में 40-50 लोगों के दबे होने की आशंका है। 9 घायलों को मलबे से बाहर निकाला गया है। महाराष्ट्र सरकार, NDRF और स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव अभियान में जुटे हुए हैं। इमारत संकरी गली में होने के चलते राहत कार्य में परेशानी आ रही है। यह चार मंजिला इमारत लगभग 100 साल पुरानी थी। बीएमसी ने कुछ समय पहले इस इमारत को खाली करने का नोटिस भी दिया था। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मुंबई में इमारत ढहने की घटना में मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्‍यक्‍त की है। 100 साल पुरानी इस इमारत ने कई जिदंगियों को लील लिया । कुछ का परिवार उजड़ गया तो कुछ जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं । मंगलवार सुबह करीब 11 बजकर 40 मिनट पर दक्षिण मुंबई के डोंगरी में टंडेल मार्ग पर एक संकरी गली में स्थित ‘कौसरबाग’ बिल्डिंग का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर गिर गया। इमारत के गिरते ही चारो तरफ मलबा फैल गया और चीख पुकार मच गयी । बेहद घनी आबादी और संकरी सड़कों वाले इलाके में स्थित इस इमारत में काफी लोग रह रहे थे। हादसे के फौरन बाद दमकल विभाग, मुंबई पुलिस और निकाय अधिकारी मौके पर पहुंच गए ,लेकिन संकरी गलियों के कारण राहत एवं बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। एनडीआरएफ की टीम भी राहत काम में लगी है ।एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंच पा रही है, उसे 50 मीटर की दूरी पर खड़ा करना पड़ा। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी बचाव कार्य में जुटे हैं और मलबा हटाने में मदद कर रहे हैं। हादसे के बाद महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन ,राधा साहिब विखे पाटिल , कांग्रेस नेता मिलिंद देवडे , स्थानीय विधायक वारिस पठान और मुंबई के पुलिस आयुक्त संजय बर्वे भी मौके पर पहुंचे हैं। गिरीश महाजन ने कहा हादसे में मारे गए लोगों को उचित मुआवजा दिया जाएगा । उन्होंने कहा कि ऐसे हादसे को रोकने के लिए सरकार और बीएमसी मिलकर उचित कदम उठ आएगी।ये इमारत 100 साल पुरानी थी और एक ट्रस्ट की थी । वह खस्ता हाल इमारतों की सूची में नहीं थी, उसे पुन:विकास के लिए डेवेलपर को दिया गया था । बीएमसी का कहना है कि 2017 में ही इमारत खराब हालत को देखते हुए नोटिस जारी किया गया था। लेकिन लोग रहते रहे और यह हादसा हो गया। मुंबई के मेयर विश्वनाथ महादेश्वर ने कहा कि उन्होंने नगर आयुक्त को मामले की जांच शुरू करने को कहा है। इस बीच राज्य मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि जांच के बाद ही हादसे के कारणों का सही ढंग से पता चल पाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इमारत गिरने से हुए हादसे और मारे गए लोगों की इस घटना को पीड़ादायक बताया। उन्होंने ट्वीट में कहा – हादसे में जिन परिवारों ने अपने लोग खाए हैं उनके प्रति संवेदना । उम्मीद है कि घायल जल्द ठीक हो जाएंगे। महाराष्ट्र सरकार, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन राहत कार्य में जोर शोर से लगे हुए हैं और जरुरतमंदों की मदद में लगे हैं ।मुंबई में हाल के सालों में पुरानी इमारतों के गिरने की कई घटनाएं हुई हैं और हर बार आरोप प्रत्यारोप होता है कि किसकी जिम्मेदारी है। जरुरत है कि प्रशासन भी अपनी जिम्मेदारी समझे और लोगों में भी पुरानी इमारतों के खतरे प्रति जागरुकता पैदा की जाए ।

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