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कुमारस्वामी सरकार गुरुवार को करेगी शक्ति परीक्षण का सामना
कर्नाटक में जारी सियासी ड्रामे में आया नया मोड़, कुमारस्वामी सरकार गुरुवार को करेगी शक्ति परीक्षण का सामना। सुप्रीम कोर्ट 10 बागी विधायकों की याचिका के साथ ही पांच और बागी विधायकों की याचिका पर आज करेगा सुनवाई। विधानसभा अध्यक्ष से अपने इस्तीफे मंज़ूर करने के लिए निर्देश देने को लेकर दायर की गई है याचिका।कर्नाटक में जारी राजनीतिक उठा-पटक के बीच एक नया मोड़ आ गया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी आखिरकार गुरूवार को विधानसभा में शक्तिपरीक्षण का सामना करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने विधानसभा में बताया कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक के दौरान विपक्ष और सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद यह तारीख तय की गयी है । विश्वास मत के प्रस्ताव पर 11 बजे से सदन में विचार किया जाएगा । विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी । फैसले के बाद हर पक्ष ने अपनी अपनी तैयारी तेज कर दी है। इससे पहले दिन में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई जिसमें ताजा राजनीतिक हालात पर विस्तार से बात हुई । फैसले के बाद तमाम दलों ने अपने अपने विधायकों को फिर से रिसार्ट में भेज दिया और वो अब गुरुवार सुबह ही विधानसभा पहुंचेंगे । उच्चतम न्यायालय कर्नाटक में सत्तारुढ़ कांग्रेस-जनता दल (सेक्युलर) गठबंधन के 15 बागी विधायकों की याचिका पर आज सुनवाई करेगा। ये विधायक विधानसभा अध्यक्ष के.आर. रमेश कुमार को उनके इस्तीफे स्वीकार करने का निर्देश देने की मांग कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस के 5 और बागी विधायकों की याचिका को 10 बागी विधायकों की लंबित याचिका के साथ सुनने पर कल सहमति जताई। इससे पहले दिन में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई जिसमें ताजा राजनीतिक हालात पर विस्तार से बात हुई । फैसले के बाद तमाम दलों ने अपने अपने विधायकों को फिर से रिसार्ट में भेज दिया और वो अब गुरुवार सुबह ही विधानसभा पहुंचेंगे । उधर बागी विधायक मुंबई में डेरा डाले हुए हैं । एक होटल में रूके हुए बागी विधायकों ने शहर के पुलिस प्रमुख को पत्र लिखकर कहा है कि वह मल्लिकार्जुन खड़गे या कांग्रेस के किसी भी अन्य नेता से मिलना नहीं चाहते हैं। विधायकों ने पत्र में कहा है कि उन्हें खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने पुलिस से आग्रह किया है कि कांग्रेस नेताओं को उनसे मिलने से रोका जाए। बागी विधायकों ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे लोग एकजुट हैं और अपने इस्तीफे पर ‘अडिग’ हैं। इधऱ दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस के पांच और बागी विधायकों की याचिका को 10 बागी विधायकों की लंबित याचिका के साथ सुनने पर सहमति जता दी है। ये विधायक उच्चतम न्यायालय से उनका इस्तीफा स्वीकार करने के लिए कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष को निर्देश देने की मांग कर रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता में एक पीठ ने बागी विधायकों की तरफ से पेश होने वाले वरिष्ठ वकिल मुकुल रहतोगी की अर्जी पर संज्ञान लिया। याचिका में कहा गया है कि इन पांच विधायकों को भी उन 10 बागी विधायकों की लंबित याचिका में पक्षकार माना जाए जिनकी सुनवाई मंगलवार को होनी है।