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पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर पानी के संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सर्वदलीय मीटिंग बुलाए जाने का जल शक्ति मंत्री को सुझाव

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दिल्ली – देश में पानी की बिगड़ रही स्थिति से निपटने के लिए आम सहमति बनाने और राष्ट्र व्यापक नीति तैयार करने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता अधीन सर्वदलीय मीटिंग का न्योता दिया। मुख्यमंत्री ने यह सुझाव जल शक्ति मंत्री गजेंदर सिंह शेखावत के साथ एक शिष्टाचार मीटिंग के दौरान दिया। शेखावत के साथ मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री ने एक अनौपचारिक बातचीत के दौरान पत्रकारों को बताया कि पानी एक राष्ट्रीय समस्या है और इसको राष्ट्रीय स्तर पर विचारने और हल किये जाने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय मीटिंग क्षेत्रवार भी की जा सकती है जिससे इस सम्बन्धी प्रक्रिया को और ज्य़ादा प्रभावी और असरदार बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि हरेक मीटिंग की अध्यक्षता प्रधानमंत्री द्वारा की जानी चाहिए। उन्होंने देश में पानी के संकट की बिगड़ती स्थिति पर चिंता प्रकट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अनमोल कुदरती स्रोत को बचाने के लिए यह मीटिंगें आम सहमति बनाने में मददगार होंगी। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के साथ मीटिंग के दौरान एस.वाई.एल मुद्दे पर कोई भी विचार नहीं हुआ क्योंकि मामला अदालत में विचाराधीन है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मीटिंग के दौरान पंजाब के बुड्डे नाले की समस्या संबंधी विचार किया गया और उन्होंने शेखावत को भरोसा दिलाया कि इसकी सफ़ाई के काम की प्रक्रिया चल रही है। राज्य सरकार ने इस काम के लिए 2 साल की समय सीमा निर्धारित की है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि विभिन्न उद्योगों के गंदे पानी से बुड्डे नाले को आगे और प्रभावित होने से रोकने को यकीनी बनाने के लिए एस.टी.पीज़ को कार्यशील किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रंगाई उद्योग इस समस्या का बड़ा कारण है। शेखावत ने ‘पंजाब बिजली बचाओ, पैसा कमाओ’ स्कीम की प्रशंसा की। सिंचाई मकसद के लिए 85 प्रतिशत पानी का प्रयोग किये जाने का जि़क्र करते हुए उन्होंने बताया कि अगर कृषि के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पानी में से 10 प्रतिशत पानी बचा लिया जाये तो अगले 50 सालों में भारत का पानी संकट हल हो सकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब को इस मुहिम का नेतृत्व करना चाहिए और पानी को बचाने के लिए लोगों को उत्साहित करना चाहिए। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने बेकार हो चुके ट्यूबवेलों के द्वारा भूजल को रिचार्ज करने के लिए एक प्रमुख प्रोग्राम शुरू करने की योजना बनाई है। केंद्रीय मंत्री ने धान की काश्त घटाने के लिए पंजाब को कहा है। इसके समर्थन के तौर पर कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मक्की जैसी वैकल्पिक फसलों की एम.एस.पी. पर केंद्र सरकार द्वारा खऱीदे जाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

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